भगवान कृष्ण
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राधा और कृष्ण जब आठ साल के थे तभी से उनको अपने प्रेम का आभास हो गया था। राधा का कृष्ण के प्रति प्रेम इतना अटूट था कि उन्होंने पूरी जिंदगी कृष्ण को अपने मन में बसाए रखा। राधा-कृष्ण कभी एक ना होते हुए भी सदैव एक ही रहे, तभी राधा और कृष्ण की कभी शादी नहीं हुई लेकिन आज के समय में भी राधा और कृष्ण का नाम एक साथ लिया जाता है। कृष्ण भगवान के जीवन में दो चीजें काफी महत्वपूर्ण थीं, जिनमें बांसुरी और राधा थीं। भगवान श्रीकृष्ण जब भी बांसुरी बजाते तो राधा उन धुनों पर थिरकती थीं। जब भी कृष्ण बांसुरी बजाते राधा दौड़ी चली आती थीं। बांसुरी को राधा और श्रीकृष्ण के प्रेम का प्रतीक माना जाता है।