पुराणों से लेकर कठोपनिषद् तक हर जगह मृत्यु और उसके बाद की स्थिति का उल्लेख किया गया है। इन पुराणों में बताया गया है कि धरीत पर प्राणी जो भी काम करते हैं, उन्हें उनका फल परलोक में मिलता है। यमराज लोगों को उनके कर्म के मुताबिक स्वर्ग और नर्क में भेजते हैं। नर्क के बारे में उल्लेख किया गया है कि यहां जीवों को अजब-गजब दंड दिया जाता है और इसके लिए अलग-अलग नर्क तैयार किए गए हैं।