कार्तिक माह में तुलसी पूजन से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। द्वापर युग में श्रीकृष्ण भगवान को पाने के लिए गोपिकाएं कार्तिक मास में यमुना स्नान करने के साथ तुलसी की पूजा करती थीं। आज भी कुंवारी कन्याएं मन वांछित फल पाने एवं वर पाने के लिए सुबह स्नान कर तुलसी पूजा कर इस परंपरा को निभा रही हैं।