krishna janmashtami
माता-पिता का सम्मान
भले ही श्री कृष्ण देवकी और वासुदेव के पुत्र कहलाते हैं, लेकिन उनका पालन-पोषण यशोदा और नंद ने किया था। बावजूद इसके भगवान कृष्ण ने अपनी दोनों मांओं देवकी- यशोदा को अपने जीवन में बराबर का स्थान दिया। दोनों के प्रति अपने कर्तव्यों को बखूबी निभाया। अपने इस स्वभाव से कृष्ण ने दुनिया को सिखाया कि हमारे जीवन में मां-बाप का स्थान सबसे ऊंचा होना चाहिए। हर व्यक्ति को अपना जीवन अपने माता-पिता की सेवा में समर्पित कर देना चाहिए।
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