रथयात्रा से पहले 15 दिनों तक क्यों बीमार रहते हैं भगवान जगन्नाथ? जानिए क्या है अनूठी परंपरा
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क्यों निभाई जाती है जगन्नाथ जी के बीमार होने की परंपरा?
ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा तिथि पर जगन्नाथ जी, बलभद्र जी और सुभद्रा जी को 108 घड़ों के जल से स्नान कराया जाता है। इस स्नान को सहस्त्रधारा स्नान के नाम से जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि 108 घड़ों के ठंडे जल से स्नान के बाद जगन्नाथ जी, बलभद्र जी और सुभद्रा जी तीनों बीमार हो जाते हैं। इसलिए उन्हें एकांतवास में रखा जाता है। जब तक वे तीनों एकांतवास में रहते हैं तब मंदिर के कपाट नहीं खुलते हैं।