फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरतालिका तीज पर इन चीजों का करें दान, तरक्की के खुलेंगे रास्ते

Sat, 12 Sep 2026 12:03 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

हरतालिका तीज का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन पूजा-पाठ और व्रत के साथ दान का भी विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि तीज पर कुछ शुभ चीजों का दान करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और तरक्की के रास्ते खुलते हैं। जानिए हरतालिका तीज पर किन चीजों का दान करना शुभ माना जाता है।
विज्ञापन
1 of 9
hartalika teej 2026 - फोटो : amar ujala

Hartalika Teej Daan: हरतालिका तीज हिंदू धर्म में महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण व्रतों में से एक है। यह व्रत भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को रखा जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर सुखी दांपत्य जीवन और पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तप किया था। इसी वजह से हरतालिका तीज को प्रेम, समर्पण और अखंड सौभाग्य से जोड़कर देखा जाता है। व्रत और पूजा के अलावा इस दिन दान-पुण्य का भी विशेष महत्व माना गया है। मान्यता है कि श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को उपयोगी वस्तुएं दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं हरतालिका तीज पर किन चीजों का दान करना शुभ माना जाता है।

विज्ञापन

2 of 9
हरतालिका तीज पर दान का क्या महत्व है - फोटो : Instagram

हरतालिका तीज पर दान का क्या महत्व है?
हरतालिका तीज केवल व्रत और पूजा का पर्व नहीं है, बल्कि इसे सेवा और दान-पुण्य से भी जोड़कर देखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्रद्धापूर्वक जरूरतमंदों की मदद करने और उपयोगी वस्तुओं का दान करने से सकारात्मक फल प्राप्त होता है। हालांकि दान करते समय सबसे जरूरी बात श्रद्धा और सामर्थ्य है। महंगी वस्तु दान करना आवश्यक नहीं है। अपनी क्षमता के अनुसार भोजन, फल, वस्त्र, सुहाग सामग्री या पूजा की वस्तुएं दान करके भी इस पर्व को सार्थक बनाया जा सकता है।

विज्ञापन

3 of 9
सुहाग सामग्री

सुहाग सामग्री 
हरतालिका तीज पर सुहाग से जुड़ी चीजों का दान करना शुभ माना जाता है। इसमें सिंदूर, बिंदी, चूड़ियां, काजल, कंघी, पायल और बिछिया जैसी वस्तुएं शामिल की जा सकती हैं। मान्यता के अनुसार, ऐसी सामग्री का दान वैवाहिक जीवन में सुख और सौहार्द की कामना से किया जाता है।

4 of 9
माता पार्वती को सुहाग और श्रृंगार की देवी के रूप में भी पूजा जाता है। - फोटो : amar ujala

श्रृंगार सामग्री 
माता पार्वती को सुहाग और श्रृंगार की देवी के रूप में भी पूजा जाता है। इसलिए तीज के अवसर पर लाल या हरे रंग की चुनरी, मेहंदी, चूड़ियां और आलता जैसी श्रृंगार सामग्री दान करना शुभ माना जाता है। आप अपनी क्षमता के अनुसार किसी सुहागिन महिला को यह सामग्री भेंट कर सकती हैं।

विज्ञापन

5 of 9
हरतालिका तीज की पूजा में भी इनका इस्तेमाल किया जाता है - फोटो : freepik.com

पान और सुपारी
हिंदू पूजा-पद्धति में पान और सुपारी को मांगलिक वस्तुओं में गिना जाता है। हरतालिका तीज की पूजा में भी इनका इस्तेमाल किया जाता है। इस दिन पान और सुपारी का दान करने की परंपरा कुछ स्थानों पर प्रचलित है। इसे वैवाहिक जीवन में सुख और आपसी सामंजस्य की कामना से जोड़ा जाता है।

विज्ञापन

6 of 9
जरूरतमंद व्यक्ति को वस्त्र और मौसमी फल देना भी तीज पर किए जाने वाले दानों में शामिल किया जा सकता है। - फोटो : Freepik.com

वस्त्र और फल
जरूरतमंद व्यक्ति को वस्त्र और मौसमी फल देना भी तीज पर किए जाने वाले दानों में शामिल किया जा सकता है। सामर्थ्य हो तो हरे या अन्य शुभ रंग के वस्त्र दान किए जा सकते हैं। फल का दान सरल होने के साथ जरूरतमंद के लिए उपयोगी भी होता है।

विज्ञापन

7 of 9
अन्न और भोजन सामग्री - फोटो : Adobe Stock

अन्न और भोजन सामग्री 
अन्नदान को हिंदू धर्म में महत्वपूर्ण दान माना गया है। हरतालिका तीज पर गेहूं, चावल, दाल, आटा, गुड़, मिठाई या अन्य जरूरत की खाद्य सामग्री जरूरतमंदों को दी जा सकती है। मान्यता है कि अन्न का दान करने से घर में अन्न-धन की समृद्धि बनी रहती है।

8 of 9
हरतालिका तीज पर धूप, कपूर, दीपक, नारियल, कलश और अन्य पूजा सामग्री का दान भी किया जा सकता है। - फोटो : amar ujala

पूजा सामग्री
हरतालिका तीज पर धूप, कपूर, दीपक, नारियल, कलश और अन्य पूजा सामग्री का दान भी किया जा सकता है। ऐसी वस्तुएं किसी मंदिर में या जरूरतमंद परिवार को देना श्रद्धा और भक्ति से जुड़ा माना जाता है।

विज्ञापन

9 of 9
गौ सेवा और जरूरतमंदों की मदद - फोटो : PTI

गौ सेवा और जरूरतमंदों की मदद
यदि आपकी सामर्थ्य हो तो हरतालिका तीज पर गाय को चारा खिलाकर गौ सेवा भी कर सकते हैं। जरूरतमंद लोगों को भोजन, वस्त्र या उनकी आवश्यकता की दूसरी चीजें उपलब्ध कराना भी पुण्यदायी माना जाता है। दान हमेशा अपनी क्षमता के अनुसार और बिना किसी दिखावे के करना बेहतर माना जाता है।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें