गणपति की पूजा और एकादशी व्रत दोनों कैसे रखें?
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गणपति की पूजा और एकादशी व्रत दोनों कैसे रखें?
गणेश उत्सव के दौरान अगर घर में गणपति बप्पा विराजमान हैं और कोई सदस्य परिवर्तिनी एकादशी का व्रत रख रहा है, तो पूजा और भोग बंद करने की जरूरत नहीं है। इस दिन बप्पा को फल, नारियल, मेवे या फलाहारी मोदक का भोग लगाया जा सकता है। अगर सामान्य मोदक का भोग लगाया गया है, तो व्रत रखने वाले व्यक्ति को उसका सेवन नहीं करना चाहिए। प्रसाद गैर-व्रती सदस्यों को दिया जा सकता है। इस तरह गणपति की सेवा भी जारी रहेगी और एकादशी के व्रत का नियम भी बना रहेगा।
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