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Hanuman Ji Name Story: जब केसरी नंदन ने निगल लिया सूर्य, ऐसे पड़ा उनका नाम हनुमान

Sat, 17 Jun 2023 01:28 PM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Hanuman Ji Name Mythological Story - फोटो : iStock
Hanuman Ji Name Mythological Story: महाबली हनुमान कलयुग के जीवित देवता कहलाते हैं। इन्हें दसों दिशाओं, आकाश और पाताल का रक्षाकर्ता कहा जाता है। भगवान हनुमान का मात्र नाम लेने से ही बड़े से बड़े संकट और परेशानियां दूर हो जाती हैं। जो भी भक्त  प्रभु श्री रामचंद्र के परम भक्त भगवान हनुमान की निस्वार्थ भाव से पूजा-आराधना करते हैं उन्हें कभी किसी कष्ट का सामना नहीं करना पड़ता है। कहा जाता है कि हनुमान जी के केवल नामों के उच्चारण मात्र से ही व्यक्ति सांसारिक सुखों को प्राप्त करता है। हनुमान को बजरंगबली, अंजनी पुत्र, पवन पुत्र, रामभक्त जैसे अनेकों नामों से जाना जाता है। ऐसे में चलिए आज जानते हैं बजरंगबली का नाम हनुमान कैसे पड़ा... 

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Hanuman Ji Name Mythological Story - फोटो : iStock
पौराणिक कथाओं के अनुसार  हनुमान जी का नाम बचपन में मारुति था। एक दिन मारुती नंदन अपनी निद्रा से जागे और उन्हें तीव्र भूख लग गई। उन्होंने पास के एक वृक्ष पर लाल पका फल देखा। जिसे खाने के लिए वे निकल पड़े दरअसल मारुती जिसे लाल पका फल समझ रहे थे वे सूर्यदेव थे।
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Hanuman Ji Name Mythological Story - फोटो : iStock
वह अमावस्या का दिन था और राहु सूर्य को ग्रहण लगाने वाले थे, लेकिन वे सूर्य को ग्रहण लगा पाते उससे पहले ही हनुमान जी ने सूर्य को निगल लिया। राहु कुछ समझ नहीं पाए कि हो क्या रहा है? उन्होने इंद्र से सहायता मांगी। इंद्रदेव के बार-बार आग्रह करने पर जब हनुमान जी ने सूर्यदेव को मुक्त नहीं किया तो,  इंद्र ने वज्र से उनके मुख पर प्रहार किया जिससे सूर्यदेव मुक्त हुए। 

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Hanuman Ji Name Mythological Story - फोटो : iStock
वहीं वज्र के प्रहार से पवन पुत्र मूर्छित होकर पृथ्वी पर आ गिरे और उनकी ठुड्डी टेढ़ी हो गई। जब पवन देवता को इस बात की जानकारी हुई तो वे बहुत क्रोधित हुए। उन्होंने अपनी शक्ति से पुरे संसार में वायु के प्रवाह को रोक दिया, जिसके परिणामस्वरूप पृथ्वी पर जीवों में त्राहि-त्राहि मच उठी।  

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Hanuman Ji Name Mythological Story - फोटो : iStock
इस विनाश को रोकने के लिए सारे देवगण पवनदेव से आग्रह करने पहुंचे कि वे अपने क्रोध को त्याग पृथ्वी पर प्राणवायु का प्रवाह करें। सभी देवताओं ने पवन देव की प्रसन्नता के लिए बाल हनुमान को पहले जैसा कर दिया और साथ ही बहुत सारे वरदान भी दिए।
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Hanuman Ji Name Mythological Story - फोटो : iStock
देवताओं के वरदान से बालक हनुमान और भी ज्यादा शक्तिशाली हो गए। लेकिन वज्र के चोट से उनकी ठुड्ढी टेढ़ी हो गई, जिसके कारण उनका एक नाम हनुमान पड़ा। 
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