हनुमान जन्मोत्सव 2025
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इन संतों ने शक्ति को किया है अनुभव
स्वामी रामदास, जो शिवाजी महाराज के आध्यात्मिक गुरु बने, उन्होंने भी अपने जीवन में संकट के क्षणों में उस अदृश्य शक्ति को अनुभव किया, जिसने उन्हें अडिग बना दिया। नीम करौली बाबा के जीवन में तो जैसे हनुमान जी की आत्मा ही प्रवाहित होती थी। उनकी हर बात, हर कृपा, हर चमत्कार में एक अनकही उपस्थिति झलकती थी। इन संतों की तरह न जाने कितने साधक, योगी और तपस्वी हैं, जो पर्वतों, जंगलों और आश्रमों में उनका दर्शन पाकर मौन रह जाते है, क्योंकि ऐसी अनुभूति को शब्दों में पिरोना संभव नहीं।