फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hanuman Janmotsav 2025: क्यों हनुमानजी को करना पड़ा था विवाह ? जानें क्या है पूरी कथा

Thu, 10 Apr 2025 04:30 PM IST
दीक्षा पाठक धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Hanuman Ji Ka Vivah: एक बार स्वयं पवनपुत्र हनुमान जी ने विवाह भी किया था? भले ही हनुमान जी को ब्रह्मचारी के रूप में पूजा जाता है, लेकिन उनका भी विवाह हुआ था। हैरान मत होइए क्योंकि ये विवाह न प्रेम से जुड़ा था और न सांसारिक जीवन की कोई कामना इसमें थी। इसके पीछे छिपा था एक अलौकिक कारण।
विज्ञापन
1 of 5
हनुमान जन्मोत्सव 2025 - फोटो : freepik.com
हनुमान जी संकटमोचन के नाम से भी जाने जाते हैं। जब भी व्यक्ति को कोई परेशानी या फिर चुनौती का सामना करना पड़ता है तो वह बजरंगबली की शरण में ही जाता है।  हनुमान जी  एक ऐसा नाम जो शक्ति, भक्ति और ब्रह्मचर्य का प्रतीक है। आपने हमेशा उन्हें राम भक्त, संकटमोचन और बाल ब्रह्मचारी के रूप में पूजा होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक बार स्वयं पवनपुत्र हनुमान जी ने विवाह भी किया था? भले ही हनुमान जी को ब्रह्मचारी के रूप में पूजा जाता है, लेकिन उनका भी विवाह हुआ था। हैरान मत होइए क्योंकि ये विवाह न प्रेम से जुड़ा था और न सांसारिक जीवन की कोई कामना इसमें थी। इसके पीछे छिपा था एक अलौकिक कारण। तो आज की इस खबर में हम आपको उसी कारण के बारे में बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।
विज्ञापन

2 of 5
हनुमान जन्मोत्सव - फोटो : freepik.com
कैसे हुई हनुमान जी की शादी?
हनुमान जी ने जब सूर्यदेव को अपना गुरु मानकर उनसे दिव्य विद्याओं की शिक्षा लेनी शुरू की, तो उन्हें हर ज्ञान देने में सूर्यदेव ने कोई कसर नहीं छोड़ी। लेकिन 9 में से 4 विद्या ऐसी थी, जिसे सिर्फ एक विवाहित व्यक्ति को ही सिखाया जा सकता था। अब संकट ये था कि हनुमान जी ब्रह्मचारी थे और शिक्षा अधूरी नहीं रह सकती थी। ऐसे में सूर्यदेव ने समाधान निकाला, उन्होंने अपनी ही तेजस्वी पुत्री सुवर्चला का विवाह हनुमान जी से करवा दिया।
विज्ञापन

3 of 5
हनुमान जन्मोत्सव 2025 - फोटो : Adobe
कौन थीं सुवर्चला देवी?
सुवर्चला, सूर्यदेव की पुत्री थीं। वह कोई साधारण कन्या नहीं थीं, बल्कि एक योगिनी थीं, जिनका जन्म ही एक उच्च आध्यात्मिक उद्देश्य के लिए हुआ था। उनका विवाह हनुमान जी से एक दिव्य नियम की पूर्ति के लिए हुआ, सांसारिक जीवन के लिए नहीं। विवाह हुआ, विद्या प्राप्त हुई और हनुमान जी फिर अपने ब्रह्मचारी स्वरूप में लौट आए। इस विवाह का उद्देश्य केवल आध्यात्मिक साधना और ज्ञान की पूर्णता था।

4 of 5
हनुमान जन्मोत्सव 2025 - फोटो : freepik
पत्नी के साथ है हनुमान जी की मूर्ति
उत्तर भारत में तो हनुमान जी को रामभक्त और ब्रह्मचारी के रूप में ही पूजा जाता है। लेकिन दक्षिण भारत में कुछ ऐसे मंदिर हैं, जहां हनुमान जी अपनी पत्नी सुवर्चला देवी के साथ विराजते हैं। तेलंगाना के खम्मम जिले में एक अद्भुत मंदिर है, जहां हनुमान जी अपनी पत्नी के साथ विराजमान हैं। एक ऐसा ही दिव्य स्थान है, जहां भक्त हनुमान जी और सुवर्चला देवी की मूर्ति के दर्शन करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
हनुमान जयंती पर करें ये काम - फोटो : freepik.com
सनातन ज्ञान की जीवंत मिसाल है हनुमान जी
हनुमानजी का यह विवाह लोगों को यह सिखाता है कि कभी-कभी धर्म, साधना और ज्ञान की राह पर हमें नियमों को निभाने के लिए असाधारण कदम उठाने पड़ते हैं। यह कहानी न केवल हनुमानजी के जीवन का एक अनदेखा अध्याय है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि उनका जीवन केवल रामभक्ति तक सीमित नहीं था, वह सनातन ज्ञान की एक जीवंत मिसाल भी थे।


 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें