चैत्र माह की पूर्णिमा को राम भक्त हनुमानजी का जन्मोत्सव बड़े ही धूम-धाम के साथ मनाई जाती है। 19 अप्रैल 2019 को हनुमान जन्मोत्सव है। कलियुग में हनुमान जी ही एकमात्र जीवित देवता हैं। हनुमान जी हमेशा अपने भक्तों की मनोकामना को पूरी करते हैं। हनुमान जी की कृपा से ही तुलसीदास को भगवान राम के दर्शन हुए थे। जहां पर भी रामकथा होती है वहां पर हनुमानजी किसी ना किसी रूप में मौजूद रहते हैं। तुलसीदासजी ने हनुमान चालीसा लिखी थी। हनुमान चालीसा का पाठ करने से मनुष्य की तमाम तरह की परेशानियां दूर हो जाती है।
हनुमान चालीसा का पाठ करने से आर्थिक चिंताएं दूर हो जाती है। हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करने वाले व्यक्ति का मनोबल बढ़ जाता है।
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भूत पिशाच निकट नहीं आए, महावीर जब नाम सुनावे। हनुमान चालीसा के इस दोहे को जो व्यक्ति नियमित पाठ करता है उसके पास भूत-पिशााच और नकारात्मक शक्तियां नहीं आती।
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hanuman
हनुमान चालीसा के पाठ से मानसिक शांति मिलती है और मन में चल रही तमाम तरह की उधेड़बुन से मुक्ति मिलती है और जीवन में उन्नति का मौका मिलता है।
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नासै रोग हरै सब पीरा। जपत निरन्तर हनुमत बीरा। इस चौपाई का जो व्यक्ति नियमित पाठ करता है वह व्यक्ति बलवान होता है। जो लोग अक्सर बीमार रहते हैं इस चौपाई का पाठ करने से रोग दूर हो जाता है।
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अंत काल रघुबरपुर जाई। जहां जन्म हरिभक्त कहाई। और देवता चित्त न धरई। हनुमत् सेई सर्व सुख करई। जो व्यक्ति हनुमान चालीसा का पाठ नियमित करता है उसके परम धाम जाने का रास्ता सरल हो जाता है।
हनुमानजी की कृपा पाने के लिए छात्रों को नियमित हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। छात्र जीवन में चालीसा का पाठ करने से स्मरण शक्ति बढ़ती है और शिक्षा के क्षेत्र में कामयाबी मिलती है। छात्रों को 'विद्यावान गुनी अति चातुर। राम काज करिबे को आतुर।। का नियमित पाठ करना चाहिए।