फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chaitra Navratri 2019 : चमत्कारों से भरा है माता का यह मंदिर, ज्योति के दर्शन से दूर होते हैं दु:ख

Sat, 06 Apr 2019 10:02 AM IST
Ayush Jha धर्म डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 10
माता के दिव्य ज्योत
देश में देवी के कई ऐसे शक्तिपीठ हैं जिनके चमत्कार के आगे विज्ञान भी नतमस्तक है। माता का एक ऐसा ही चमत्कारी पावन धाम हिमाचल प्रदेश में है। करोड़ों हिंदुओं की आस्था के इस केंद्र सालों—साल से देवी की दिव्य ज्योत बगैर किसी दिए, बाती या तेल के जल रही है। माता के इस चमत्कारी शक्तिपीठ का नाम है ज्वाला देवी मंदिर। देश के तमाम सिद्धपीठ और शक्तिपीठ के मुकाबले माता का यह मंदिर अनोखा है, क्योंकि यहां पर देवी की किसी पिंडी या मूर्ति का पूजन नहीं बल्कि उनकी दिव्य ज्योति की पूजा की जाती है। 51 शक्तिपीठ में से एक ज्वाला देवी मंदिर में पृथ्वी के गर्भ से नौ ज्वालाएं देवी दुर्गा के 9 स्वरूप में मौजूद हैं। जिनके दर्शन एवं पूजन के लिए देश-दुनिया से लोग यहां पर आते हैं। 
 

कलश स्थापना और अखंड ज्योति के साथ नवरात्रि के 9 दिनों तक करवाएं देवी दुर्गा की पूजा



 
विज्ञापन

2 of 10
माता के दिव्य ज्योत
ज्वाला देवी मंदिर में से निकलने वाली पहली ज्योत महाकाली को समर्पित है। महाकाली को लेकर ऐसी मान्यता है कि यह ज्योत भक्तों को उनके कष्ट से मुक्ति दिलाती है।  

 
विज्ञापन

3 of 10
माता के दिव्य ज्योत - फोटो : अमर उजाला
मंदिर में मौजूद दूसरी दिव्य ज्योत मां अन्नपूर्णा को समर्पित है। मान्यता है कि यदि किसी भक्त पर माता की कृपा हो जाए तो व्यक्ति के घर में कभी अन्न की कमी नही होती है। साथ ही व्यक्ति जिस भी जगह रहता है, वहां कभी अकाल नही पड़ता है।

4 of 10
माता के दिव्य ज्योत
माता की तीसरी दिव्य ज्योत मां चण्डी देवी को समर्पित है। मान्यता है कि माता के नाम का स्मरण करने मात्र से ही साधक के सभी शत्रुओं का नाश हो जाता है। 
 
विज्ञापन

5 of 10
माता के दिव्य ज्योत - फोटो : अमर उजाला
मंदिर में मौजूद चौथी दिव्य ज्योत मां हिंगलाज को समर्पित है। भक्तों का मानना है कि माता के दर्शन मात्र से उनके सभी संकट दूर हो जाते हैं। माता हिंगलाज को शास्त्रों में भाग्य की रानी भी कहा गया है। मान्यता है कि हिंगलाज माता की इस दिव्य ज्योत का दर्शन करने वाले भक्त से भाग्य कभी नही रूठता है।
विज्ञापन

6 of 10
माता के दिव्य ज्योत
गुफा में जल रही पांचवी ज्योत मां विंध्यवासिनी को समर्पित है। इस ज्योत को लेकर भक्तों के बीच मान्यता है कि माता को जो सच्चे दिल से याद करता है, मां उसके सारे पापों को हर लेती है।
 
विज्ञापन

7 of 10
माता के दिव्य ज्योत
मंदिर की छठी दिव्य ज्योत महालक्ष्मी को समर्पित है। मां लक्ष्मी को लेकर शास्त्रों में मान्यता है कि जो भक्त सच्चे दिल से मां लक्ष्मी की पूजा करते हैं, उनका घर सुख-संपदा आदि से भरा रहता है।

8 of 10
माता के दिव्य ज्योत
गुफा की सातवीं ज्योत माता सरस्वती को सर्पित है। मात सरस्वती को संगीत, कला एवं ज्ञान की देवी माना जाता है। मां शारदा यानी सरस्वती की पूजा करने पर ही कालिदास को दिव्य ज्ञान प्राप्त हुआ था। 
 

9 of 10
माता के दिव्य ज्योत
गुफा की आठवीं ज्योत माता अंबिका को समर्पित है। लोगों में मान्यता है कि इस की ज्योत की पूजा-अर्चना करने से मनुष्य के जीवन में सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।
विज्ञापन

10 of 10
माता के दिव्य ज्योत
गुफा की नौवीं और आखिरी ज्योत माता अंजनी देवी को समर्पित है। शास्त्रों में मान्यता है कि इन्होंने ही महाबली हनुमान को जन्म दिया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें