क्यों मनाया जाता है गुड़ी पड़वा का पर्व
- फोटो : iStock
आज भी इस हिंदू नव वर्ष को हर प्रदेश में अलग-अलग नाम से जाना जाता है। गुड़ी पड़वा, होला मोहल्ला, युगादि, विशु, वैशाखी, कश्मीरी नवरेह, उगाड़ी, चेटीचंड ,चित्रैय,तिरूविजा, इन सभी की तिथि संवत्सर के आसपास ही पड़ती है। हालांकि मूल रूप से इसे नव संवत्सर और विक्रम संवत कहा जाता है।