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Gudi Padwa 2022: इस दिन मनाया जाएगा गुड़ी पड़वा का पर्व, जानिए तिथि और धार्मिक महत्व

Sun, 27 Mar 2022 09:58 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली
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इस दिन मनाया जाएगा गुड़ी पड़वा का पर्व - फोटो : iStock
Gudi Padwa 2022: हमारे देश में कई तरह के धार्मिक पर्व और त्योहार मनाए जाते हैं। इन्हीं उत्सवों में से एक है गुड़ी पड़वा। गुड़ी पड़वा एक ऐसा पर्व है, जिसकी शुरुआत के साथ सनातन धर्म की कई सारी कहानियां जुड़ी हैं। तिथि के अनुसार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को गुड़ी पड़वा मनाया जाता है। इसी दिन से चैत्र नवरात्रि की भी शुरुआत होती है। गुड़ी पड़वा को मानाने के पीछे कई मान्यताएं प्रचलित हैं। कहा जाता है कि इस दिन ब्रह्मा जी ने इस सृष्टि की रचना की थी। इसके अलावा ये भी कहा जाता है कि गुड़ी पड़वा के ही दिन सतयुग की भी शुरुआत हुई थी। इसलिए इस दिन विशेष पूजा अर्चना की जाती है। वहीं पौराणिक मान्यता के अनुसार, गुड़ी पड़वा के दिन प्रभु श्रीराम ने बालि का वध कर दक्षिण भारत के लोगों को उसके आतंक से मुक्त करवाया था। तो चलिए आज जानते हैं कब है गुड़ी पड़वा और क्या है इसका महत्व...  
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इस दिन मनाया जाएगा गुड़ी पड़वा का पर्व - फोटो : iStock
गुड़ी पड़वा 2022 तिथि एवं मुहूर्त
01 अप्रैल शुक्रवार को दिन में 11 बजकर 53 मिनट से से चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि शुरू हो रही है। ये तिथि अगले दिन 02 अप्रैल शनिवार को 11 बजकर 58 मिनट तक है। ऐसे में इस साल गुड़ी पड़वा 02 अप्रैल को मनाया जाएगा। 
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इस दिन मनाया जाएगा गुड़ी पड़वा का पर्व - फोटो : iStock
बन रहा है खास योग 
इस साल गुड़ी पड़वा पर इंद्र योग, अमृत सिद्धि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। अमृत सिद्धि योग एवं सर्वार्थ सिद्धि योग 1 अप्रैल को सुबह 10 बजकर 40 मिनट से 2 अप्रैल को सुबह 6 बजकर 10 मिनट तक हैं। वहीं 2 अप्रैल को इंद्र योग सुबह 8 बजकर 31 मिनट तक है। वहीं नक्षत्र की बात करें तो, रेवती नक्षत्र गुड़ी पड़वा को दिन में 11 बजकर 21 मिनट तक है। उसके बाद अश्विनी नक्षत्र शुरू हो जाएगा। 

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इस दिन मनाया जाएगा गुड़ी पड़वा का पर्व - फोटो : iStock
गुड़ी पड़वा का महत्व
गुड़ी पड़वा को हिंदू नववर्ष की शुरूआत माना जाता है। वहीं भारत के अलग-अलग राज्यों में इसे उगादी, युगादी, छेती चांद आदि विभिन्न नामों से मनाया जाता है।
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इस दिन मनाया जाएगा गुड़ी पड़वा का पर्व - फोटो : iStock
महाराष्ट्र में इसे खास तौर पर मनाया जाता है। गुड़ी पड़वा के दिन महिलाएं घर में सुंदर गुड़ी लगाती हैं और उसका पूजन करती हैं। माना जाता है कि घर में गुड़ी लगाने से नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं। घर में सुख समृद्धि आती है।
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इस दिन मनाया जाएगा गुड़ी पड़वा का पर्व - फोटो : self
वहीं कुछ लोग इस दिन नीम की पत्तियां भी खाते हैं। इसके पीछे की मान्यता ये है कि इस समय प्रकृति में बदलाव होता है, इसलिए नीम की पत्तियां खाने से खून साफ होता है। शरीर रोगों के संक्रमण से बचा रहता है और अंदर से मजबूत बनता है।
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इस दिन मनाया जाएगा गुड़ी पड़वा का पर्व
मान्यता है कि वीर मराठा छत्रपति शिवाजी जी ने युद्ध जीतने के बाद सबसे पहले गुड़ी पड़वा का पर्व मनाया था। इसी के बाद मराठी लोग प्रत्येक वर्ष इस परंपरा का पालन करते हैं। इस दिन घर में गुड़ी को विजय पताका के प्रतीक रूप में भी लगाया जाता है।
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