Ganesh Utsav 2023 : आज से गणेश उत्सव की शुरुआत हो रही है। इसका समापन 28 सितंबर 2023 को अनंत चतुर्दशी वाले दिन होगा। गणेश उत्सव की शुरुआत हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से होती है। इस दिन घरों और पांडालों भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की जाती है। देशभर में गणेशोत्सव का यह पर्व बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। यह उत्सव पूरे दस दिनों तक चलता है। इन दस दिनों में धूम-धाम से गणपति बप्पा की पूजा की जाती है। दस दिनों तक पूजा-अर्चना के बाद चतुर्थी वाले दिन गणपति बप्पा का विसर्जन किया जाता है। हालांकि गणेश स्थापना से पहले कुछ नियमों का जानना बहुत जरूरी होता है। चलिए जानते हैं भगवान गणेश की स्थापना के नियमों के बारे में...
गणेश स्थापना के नियम
यदि आप भी अपने घर में गणपति बप्पा की मूर्ति स्थापित करने जा रहे हैं, तो इसे ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में स्थापित करें। साथ ही इस बात का ध्यान रखें कि मूर्ति का मुख पश्चिम दिशा की ओर ही हो।
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Ganesh Utsav 2023
- फोटो : iStock
गणपति बप्पा की स्थापना करने से पहले ही उस जगह की अच्छे से साफ कर लें, जिस जगह भगवान गणेश को स्थापित करने जा रहे हैं। उस स्थान पर किसी तरह की अशुद्धि और कचरा न रहने दें।
इसके बाद शुभ मुहूर्त में बप्पा की मुर्ती को स्थापित करें। भगवान गणेश की स्थापना करने के बाद रोजाना सुबह-शाम को इनकी पूजा और आरती करें। दोनों समय भगवान गणेश को भोग लगाएं, धूप दीप दिखाएं।
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- फोटो : istock
एक बात का ध्यान रहे कि भगवान गणेश की मूर्ति एक बार स्थापित हो जाए, तो उसे वहां से हटाएं नहीं। मुर्ती को विसर्जन के समय ही वहां से हटाया जा सकता है।
साथ ही ध्यान रखें कि गणेश उत्सव के 10 दिनों तक नॉन वेज या शराब आदि का सेवन न करें। न ही ऐसी चीजें घर लेकर आएं। संभव हो तो इस दौरान लहसुन प्याज खाने से भी परहेज करें।