1- आदि लक्ष्मी
इन्हें मूल लक्ष्मी,महालक्ष्मी भी कहा जाता है। श्रीमद्भागवत पुराण के अनुसार आदि लक्ष्मी ने सृष्टि की रचना की थी। उन्हीं से त्रिदेव और महाकाली, लक्ष्मी व महासरस्वती प्रकट हुई। इस दुनिया के पालन और संचालन के लिए उन्होंने भगवान विष्णु से विवाह किया। इनकी साधना करने से मनुष्य को जीवन में सभी सुख मिल जाते हैं।
2- धार्या लक्ष्मी
मां लक्ष्मी के दूसरे स्वरूप को वीर लक्ष्मी भी कहा जाता है। भौतिक और आध्यात्मिक जरूरतों को पूरा करने में आने वाली रुकावटों को दूर करती हैं। ये अकाल मृत्यु से बचाती हैं। इन्हें मां कात्यायनी का रूप भी माना जाता है,जिन्होंने महिषासुर का वध किया था। धार्या लक्ष्मी युद्ध में विजय दिलाती है और वीरों की रक्षा करती हैं।