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Dev Uthani Ekadashi 2022: देवउठनी एकादशी पर कर लें ये उपाय,धन प्राप्ति के साथ होगा भाग्योदय

Thu, 03 Nov 2022 04:58 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की इस एकादशी को देवोत्थान एकादशी और हरि प्रबोधनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। - फोटो : iStock
Dev Uthani Ekadashi 2022: कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की इस एकादशी को देवोत्थान एकादशी और हरि प्रबोधनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु चार माह की योग निद्रा को त्यागते हैं और इसी के साथ मांगलिक कार्यों की भी शुरुआत हो जाती है। श्री हरि को तुलसी प्राण प्रिय है,इसलिए जागरण के बाद सर्वप्रथम तुलसी के साथ उनके विवाह का आयोजन किया जाता है। मान्यता है कि इस जगत में जो भी वस्तुएं दुर्लभ मानी गई हैं,श्रद्धापूर्वक उन्हें मांगने पर 'हरि प्रबोधनी एकादशी'प्रदान करती है। इसलिए इस दिन व्रत और पूजा के अलावा भी कुछ धार्मिक उपाय करने से आपके ऊपर श्री लक्ष्मी-नारायण की कृपा बनी रहती है,मनोकामनाएं पूर्ण होकर जीवन के कष्ट दूर होते हैं। 

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Devuthani Ekadashi 2022 - फोटो : अमर उजाला
आर्थिक सपंन्नता के लिए
भगवान श्री कृष्ण ने कार्तिक महीने के बारे में बताते हुए कहा था कि पौधों में तुलसी,महीनों में कार्तिक,दिवसों में एकादशी तथा तीर्थों में द्वारिका मेरे हृदय में निवास करते हैं। इसलिए कार्तिक में तुलसी पूजा और खासकर देवउठनी एकादशी के दिन तुलसी पूजा करने से भगवान विष्णु के साथ मां लक्ष्मी भी प्रसन्न होती है। यदि आपने पूरे महीने तुलसी की सेवा नहीं की है,तो एकादशी से पूर्णिमा तक घी का दीपक जलाकर मां तुलसी को प्रसन्न करना चाहिए। ऐसा करने से आर्थिक तंगी से छुटकारा मिलता है।  
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Kamada Ekadashi Vrat 2022 - फोटो : अमर उजाला
पुण्यों की प्राप्ति के लिए
पुराणों में शालिग्राम को ब्रह्माण्डभूत श्री नारायण का प्रतीक माना जाता है। पदमपुराण के अनुसार जो शालिग्राम का दर्शन करता,उसे मस्तक झुकाता,स्न्नान कराता और पूजन करता है,वह कोटि यज्ञों के समान पुण्य तथा कोटि गोदानों का फल पाता है। इनके स्मरण,कीर्तन,ध्यान,पूजन और प्रणाम करने पर अनेक पाप दूर हो जाते हैं। जिस स्थान पर शालिग्राम और तुलसी होते हैं,वहां भगवान श्री हरि विराजते हैं और वहीं सम्पूर्ण तीर्थों को साथ लेकर भगवती लक्ष्मी भी निवास करती हैं। पदमपुराण के अनुसार जहां शालिग्राम शिलारूपी भगवान केशव विराजमान हैं,वहां सम्पूर्ण देवता,असुर,यक्ष तथा चौदह भुवन मौजूद हैं। जो शालिग्राम शिला के जल से अपना अभिषेक करता है,उसे सम्पूर्ण तीर्थों में स्न्नान के बराबर और समस्त यज्ञों को करने समान ही फल प्राप्त होता है।

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Kamada Ekadashi Vrat 2022 - फोटो : अमर उजाला
कार्यक्षेत्र में सफलता के लिए
बार-बार प्रयास करने के बाद भी आपका कोई काम नहीं बन पा रहा है तो इस दिन पीपल के वृक्ष को छूकर प्रणाम करें और उसकी मिट्टी को माथे पर लगाएं और अपना कार्य पूर्ण होने के लिए भगवान विष्णु से प्रार्थना करें,इससे कार्य में सफलता मिलेगी। 
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Ekadashi Vrat 2022 - फोटो : अमर उजाला
सुखी दांपत्य के लिए
यदि पति-पत्नी के बीच बहुत कलह रहती है या किसी भी तरह का मनमुटाव रहता हो तो इस समस्या को दूर करने के लिए आप इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए तुलसी के तने पर सात बार मोली या हल्दी में लपेट कर सूत का धागा लपेटें और इसके बाद घी का दीपक प्रज्वलित कर सुखी दांपत्य के लिए माता तुलसी से प्रार्थना करें।  
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Tulsi Vivah - फोटो : अमर उजाला
सुख-शांति के लिए
देवउठनी एकादशी के दिन अन्न और धन के अलावा लोगों को ऋतुफल,धान,मक्का,गेहूं,बाजरा,गुड़,उड़द और वस्त्र का दान अवश्य करना चाहिए इसके साथ ही अगर इस दिन सिंघाड़ा,शकरकंदी और गन्ने का दान किया जाए तो काफी श्रेष्ठ माना जाता है और इससे घर में सुख-शांति का वास होता है,ग्रहदोष ठीक होते हैं।
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