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Chaturdashi Shradh: श्राद्ध पक्ष की चतुर्दशी को क्यों कहते हैं घायल चतुर्दशी? जानें इस श्राद्ध की विधि

Fri, 16 Sep 2022 12:16 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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श्राद्ध पक्ष की चतुर्दशी को क्यों कहते हैं घायल चतुर्दशी - फोटो : अमर उजाला
Ghayal Chaturdashi Shradh 2022: पितृपक्ष आरंभ हो चुका है। इस साल पितृपक्ष 10 सितंबर से शुरू हुआ और ये समाप्त 25 सितंबर को होगा।पितृपक्ष यानी श्राद्ध का हिंदू धर्म में विशेष महत्व होता है। पितृपक्ष में पूर्वजों को श्रद्धापूर्वक याद करके उनका श्राद्ध कर्म किया जाता है। श्राद्ध न केवल पितरों की मुक्ति के लिए किया जाता है, बल्कि उनके प्रति अपना सम्मान प्रकट करने के लिए भी किया जाता है। श्राद्ध पक्ष के दिनों में 24 सितंबर को चतुर्दशी का श्राद्ध किया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चतुर्दशी के श्राद्ध का विशेष महत्व है। इसे चतुर्दशी को घायल चतुर्दशी के नाम से भी जाना जाता है। पौराणिक शास्त्रों के अनुसार चतुर्दशी तिथि पर केवल ऐसे मृतकों का श्राद्ध किया जाता है, जिनकी या तो अकाल मृत्यु हुई हो या फिर चतुर्दशी तिथि के दिन उनका देहांत हुआ हो। जिन लोगों की स्वाभाविक मृत्यु हुई है उन लोगों का श्राद्ध इस दिन वर्जित माना जाता है। सिर्फ अकाल मृत्यु वालों का श्राद्ध चतुर्दशी को करते हैं। आइए जानते हैं चतुर्दशी के श्राद्ध का महत्व और उसकी विधि के बारे में।
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श्राद्ध पक्ष की चतुर्दशी को क्यों कहते हैं घायल चतुर्दशी - फोटो : istock
घायल चतुर्दशी श्राद्ध का महत्व
श्राद्ध पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर स्वमभाविक मृत्यु वाले लोगों का श्राद्ध नहीं किया जाता है। बल्कि इस दिन उन लोगों के श्राद्ध करने की परंपरा है जिनकी अकाल मृत्यु होती है। जैसे जिन लोगों की मृत्यु किसी दुर्घटना में या किसी हादसे में होती है, या फिर किसी जानवर या सांप के काटने से मरने वालों का श्राद्ध इसी दिन होता है। इसीलिए इस चतुर्दशी को घायल चतुर्दशी कहते हैं। इसके अलावा किसी भी महीने की चतुर्दशी तिथि में जिनकी मृत्यु होती है उनका श्राद्ध भी इसी दिन किया जा सकता है। 
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श्राद्ध पक्ष की चतुर्दशी को क्यों कहते हैं घायल चतुर्दशी - फोटो : प्रयागराज
चतुर्दशी श्राद्ध की विधि 
  • आश्विन माह की चतुर्दशी तिथि को स्नानादि से निवृत हो जाएं। 
  • इसके बाद श्राद्ध के लिए भोग तैयार करें। 

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श्राद्ध पक्ष की चतुर्दशी को क्यों कहते हैं घायल चतुर्दशी - फोटो : गूगल
  • चतुर्दशी तिथि को पंचबलि का भोग लगता है। 
  • पंचबली में गाय, कुत्ता, कौआ, देवता और चींटियों को भोज कराया जाता है। 
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श्राद्ध पक्ष की चतुर्दशी को क्यों कहते हैं घायल चतुर्दशी - फोटो : SOCIAL MEDIA
  • इसके बाद ब्राह्मण को भोज कराने की परंपरा होती है। 
  • चतुर्दशी के श्राद्ध पर अंगुली में दरभा घास की अंगूठी पहनें 
  • इसके उपरांत भगवान विष्णु और यमदेव की उपासना करें।
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