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Chanakya Niti: समय पड़ने पर किसी काम नहीं आता ऐसा पैसा और ज्ञान

Fri, 05 Mar 2021 10:05 PM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
आचार्य चाणक्य के अनुसार मनुष्य के जीवन में शिक्षा का बहुत महत्व होता है। जिस व्यक्ति के पास धन और ज्ञान दोनों होते हैं, वह हर परिस्थिति से निकलने में सक्षम होता है। ज्ञान न केवल मनुष्य को विपरीत परिस्थितियों से निकलने में सहायता करता है बल्कि एक अच्छे भविष्य के निर्माण के लिए भी ज्ञान का होना बहुत आवश्यक होता है। इसी तरह से जीवनयापन की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु और भौतिक सुखों को प्राप्त करने के लिए धन का होना आवश्यक होता है, लेकिन आचार्य चाणक्य कहते हैं कि धन और ज्ञान से संबंधित दो बातों को ध्यान में रखना बहुत आवश्यक होता है अन्यथा स्थितियां ऐसी भी हो जाती हैं जब धन और ज्ञान समय पड़ने पर आपके किसी काम का नहीं रह जाता है। तो चलिए जानते हैं चाणक्य नीति।
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
पुस्तकेषु च या विद्या परहस्तेषु च यद्धनम् ।
 उत्पन्नेषु च कार्येषु न सा विद्या न तद्धनम् ॥
आचार्य चाणक्य नीति शास्त्र में धन और शिक्षा जुड़ी महत्वपूर्ण बातों के बारे में जिक्र किया है। आचार्य चाणक्य इस श्लोक के माध्यम से कहते हैं कि जो विद्या पुस्तकों तक ही सीमित है, वह समय पड़ने पर मनुष्य के किसी काम नहीं आती है। चाणक्य किताबी ज्ञान के साथ व्यवहारिक ज्ञान को भी बहुत महत्वपूर्ण मानते थे। महत्वपूर्ण विषयों की अच्छी जानकारी होने के साथ मनुष्य को समाज के बारे में भी व्यवहारिक समझ होनी चाहिए।
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
इसी तरह से आचार्य चाणक्य कहते हैं कि ऐसा धन व्यक्ति के किसी काम का नहीं होता है जो धन दूसरों के पास पड़ा हो। इसलिए धन को हमेशा सही प्रकार से अपने पास संचय करके रखना चाहिए ताकि समय पड़ने पर वह आपके काम आ सकें। चाणक्य नीति के अनुसार धन हाथ में और विद्या कंठ में हो इसी में दोनों की सार्थकता है।
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Chanakya Success Mantra - फोटो : social media
चाणक्य के अनुसार गुरू से ज्ञान लेते हुए कभी संकोच नहीं करना चाहिए। जो लोग ज्ञान प्राप्त करते समय संकोच करते हैं और अपनी शंका का समाधान नहीं करते हैं, उनका ज्ञान अधूरा रह जाता है। आधा अधूरा ज्ञान समय पड़ने पर किसी काम का नहीं रहता है।
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