chaitra amavasya 2025
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चैत्र अमावस्या को भूतड़ी अमावस्या क्यों कहा जाता है:
पौराणिक मान्यता के अनुसार, अमावस्या की रात को अंधेरा होता है और यह समय अज्ञात, नकारात्मक शक्तियों और अतृप्त आत्माओं के घूमने का होता है। खासकर चैत्र अमावस्या के दिन रजो और तमो गुण की प्रबलता के कारण यह तिथि अधिक प्रभावशाली मानी जाती है। इस दिन के दौरान, नकारात्मक शक्तियां, भूत-प्रेत, और अतृप्त आत्माएं इस दुनिया में घूमती रहती हैं और अपनी अधूरी इच्छाओं को पूरा करने के लिए लोगों के आसपास आ सकती हैं। इसलिए इसे भूतड़ी अमावस्या के रूप में जाना जाता है। चंद्रमा के प्रभाव से मन की स्थिति भी अस्थिर हो जाती है, जिससे ये शक्तियां प्रभावी हो सकती हैं।