सनातन धर्म में पूर्णिमा तिथि का बहुत महत्व माना गया है। इस तिथि को पुण्य फलदायक माना जाता है, यह तिथि भगवान सत्यनारायण को समर्पित की जाती है। पूर्णिमा तिथि की रात चंद्रमा अपने पूरे स्वरुप में होता है। हर माह पूर्णिमा तिथि पड़ती है, इस तरह से पूरे वर्ष में 12 पूर्णिमा आती हैं। पूर्णिंमा तिथि के आधार पर ही हिंदी कैलेण्डर के माह बदलते हैं, इसलिए हर माह के नाम पर पूर्णिमा तिथि का नाम होता है, इसी तरह से भादप्रद मास की पूर्णिमा को भादप्रद पूर्णिमा कहा जाता है। इस दिन चंद्रमा पूर्वभाद्र, उत्तरभाद्र नक्षत्र में रहता है। जानते हैं भादप्रद पूर्णिमा का महत्व, तिथि और व्रत विधि..