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Bhadrapad Amavasya 2020: भाद्रपद अमावस्या आज, तर्पण के लिए जरूर करें ये पांच काम

Tue, 18 Aug 2020 07:38 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
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भाद्रपद अमावस्या 2020 - फोटो : सोशल मीडिया
Bhadrapad Amavasya 2020: धार्मिक दृष्टि के अनुसार, भाद्रपद अमावस्या का बड़ा महत्व है। इसे भादों अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। इस साल यह तिथि 18 अगस्त को पड़ रही है। हिन्दू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास में कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि भाद्रपद अमावस्या कहलाती है। मान्यता के अनुसार, भाद्रपद अमावस्या के दिन दान-पुण्य एवं पितरों की शांति के लिए तर्पण एवं व्रत करने का महत्व है। शास्त्रों में भाद्रपद अमावस्या कालसर्प दोष मुक्ति के लिए भी श्रेष्ठ मानी गयी है। इस दिन पितरों की शांति के लिए कुछ विशेष कार्य करने चाहिए।
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भाद्रपद अमावस्या 2020 - फोटो : amavasya
भाद्रपद अमावस्या के दिन जरूर करें स्नान और दान-पुण्य
शास्त्रानुसार, भाद्रपद अमावस्या के दिन पवित्र नदी अथवा जलकुंड में स्नान करना चाहिए। अमावस्या पर दान-स्नान का बहुत महत्व माना गया है। इसलिए इस दिन प्रातःकाल की बेला में किसी पवित्र नदी, कुंड में स्नान करना चाहिए, और सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए। 
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अमावस्या पर पितरों को तर्पण करेते श्रद्धालु - फोटो : सोशल मीडिया
पितरों की शांति के लिए पिण्डदान
भाद्रपद अमावस्या का दिन पितृ तर्पण के लिए बहुत उत्तम रहता है। इसलिए इस दिन किसी नदी के तट पर अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान और दान करें। इससे आपको पितृ दोष से मुक्ति मिलेगी। पूर्वजों को पिंड दान अर्पित करें और गरीबों को दान करें। कहते हैं कि ऐसा करने सा पूर्वजों को शांति और मोक्ष प्राप्त होता है।

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शनिदेव - फोटो : सोशल मीडिया
अमावस्या के दिन जरूर करें शनि महाराज को प्रसन्न
भाद्रपद अमावस्या के दिन शनिदेव की पूजा करने का महत्व भी माना गया है। अमावस्या के दिन आप शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए पूजा भी कर सकते हैं। दरअसल, अमावस्या के दिन को शनिदेव का दिन मानते हैं। इसलिए इस दिन शनिवदेव की पूजा का विशेष महत्व है। शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनि ग्रह से जुड़ी चीजों को अवश्य दान करें।
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काल सर्प - फोटो : social media
कालसर्प दोष निवारण के लिए करें उपाय 
भाद्रपद अमावस्या के दिन जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प दोष बनता हो, उन लोगों को अमावस्या के दिन कालसर्प दोष निवारण करवाना चाहिए। इससे कालसर्प दोष के कारण होने वाले प्रभाव कम होते हैं। कुंडली में कालसर्प दोष राहु-केतु के कारण बनता है।
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सरसों के तेल का दीपक जलाएं - फोटो : pexels
सरसों के तेल का दीपक जलाएं
भाद्रपद अमावस्या के दिन अपने पूर्वजों की शांति के लिए संध्या के समय किसी पीपल के वृक्ष के नीचे जाकर सरसों के तेल का दीपक प्रज्वलित करें और प्रार्थना करते हुए पीपल की सात परिक्रमा लगाएं।  
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भाद्रपद अमावस्या तिथि और मुहूर्त - फोटो : सोशल मीडिया
भाद्रपद अमावस्या तिथि और मुहूर्त (Bhadrapada Amavasya 2020 Date and Subh Muhurat)-
भाद्रपद अमावस्या आरंभ- 18 अगस्त 2020 को  10:41 AM से।
भाद्रपद अमावस्या समाप्त- 19 अगस्त 2020 को 08:11 AM तक।
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