आजकल की भागदौड़ी भरी जिंदगी में ऐसे लोगों की आबादी कम है जो रोजाना पूजा पाठ करते हैं। वह पूजा करने के लिए समय ही नहीं निकाल पाते हैं, पर जो लोग पूजा पाठ करते हैं उनमें भी कई लोग जानकारी के अभाव से बहुत सी गलतियां कर बैठते हैं। आज हम आपको शास्त्रों के खजाने से कुछ ऐसी जानकारी आपके साथ शेयर कर रहे हैं, जो आपको पूजा करने में लाभ दे सकती है।
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puja aarti
कहते है किसी भी देव या देवी को मंत्र द्वारा साधना करके उन्हें प्रसन्न किया जा सकता है। पुराने जमाने में ऋषि मुनि मंत्र तपस्या करके देवी देवताओं को खुश करते थे। आप रोजाना पूजा-पाठ, आरती करते हैं, लेकिन क्या आपको मालूम है कि किसी भी पूजा करने से पहले स्वस्ति वाचन करने से देवी-देवताओं को जाग्रत किया जाता है। कहते हैं स्वस्ति मंत्र शुभ और शांति के लिए किया जाता है।
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स्वस्ति मतलब सु अस्ति जिसका अर्थ है कल्याण हो। मान्यता है कि स्वस्ति मंत्र का उच्चारण करने से हृदय और मन मिल जाते हैं। मंत्र का उच्चारण करते हुए दूर्वा घास से जल के छींटे डाले जाते थे। यह माना जाता है कि ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा खत्म हो जाती है। जगत का कल्याण, परिवार के कल्याण के लिए और खुद के कल्याण के लिए शुभ वचन कहना ही स्वस्तिवाचन है। इस मंत्र के साथ प्रार्थना आरंभ करनी चाहिए।