धार्मिक मान्यता के अनुसार वसंत पंचमी के दिन पीले या सफेद वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है, क्योंकि ये रंग ज्ञान, प्रकाश और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक होते हैं। ऐसे में कुछ कार्य ऐसे भी बताए गए हैं, जिन्हें इस दिन करने से बचना चाहिए।
Basant Panchami 2025: हिंदू धर्म में वसंत पंचमी का पर्व अत्यंत शुभ और महत्वपूर्ण माना जाता है। यह पर्व विद्या, ज्ञान और संगीत की देवी माता सरस्वती को समर्पित है। इस दिन माता सरस्वती की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है। माना जाता है कि वसंत पंचमी के दिन से ही वसंत ऋतु की शुरुआत होती है, जो प्रकृति में नए जीवन का संचार करती है। इस दिन विशेष रूप से विद्यार्थी और कला प्रेमी माता सरस्वती का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए पूजा करते हैं, जिससे वे ज्ञान और बुद्धि के मार्ग पर आगे बढ़ सकें। साथ ही, इस पर्व को आर्थिक समृद्धि के लिए भी बेहद शुभ माना जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार वसंत पंचमी के दिन पीले या सफेद वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है, क्योंकि ये रंग ज्ञान, प्रकाश और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक होते हैं। ऐसे में कुछ कार्य ऐसे भी बताए गए हैं, जिन्हें इस दिन करने से बचना चाहिए। यह माता सरस्वती की कृपा प्राप्त करने में बाधा उत्पन्न कर सकते हैं और जीवन में नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। आइए जानते हैं वसंत पंचमी के दिन कौन से कार्य नहीं करने चाहिए।
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Basant Panchami
- फोटो : Amar Ujala
बसंत पंचमी के दिन न करें ये चीजें
काले वस्त्र धारण करने से बचें- इस दिन पीला और सफेद रंग शुभ माना जाता है, जबकि काले वस्त्र पहनना वर्जित माना गया है। काला रंग नकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इस दिन इसे धारण करने से बचना चाहिए।
बसंत पंचमी के दिन न करें ये चीजें
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पूजा से पहले भोजन न करें- शास्त्रों के अनुसार, बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की पूजा करने से पहले भोजन ग्रहण नहीं करना चाहिए। जब तक पूजा समाप्त न हो जाए, तब तक उपवास रखना उचित माना जाता है।
बसंत पंचमी के दिन न करें ये चीजें
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तामसिक भोजन से परहेज करें- इस दिन सात्त्विक भोजन ग्रहण करने की परंपरा है। मांसाहार, लहसुन, प्याज और अन्य तामसिक चीजों का सेवन करना अशुभ माना जाता है। यह न केवल शरीर को बल्कि मानसिक ऊर्जा को भी प्रभावित कर सकता है।
सरस्वती मंत्र का उच्चारण करें- माता सरस्वती की कृपा प्राप्त करने के लिए पूजा के बाद "सरस्वती महाभागे विद्ये कमललोचने विद्यारूपे विशालाक्षि विद्यां देहि नमोस्तुते" मंत्र का उच्चारण करना चाहिए। इससे विद्या, बुद्धि और संगीत में प्रगति होती है।
पेड़-पौधों की कटाई-छंटाई न करें
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पेड़-पौधों की कटाई-छंटाई न करें– बसंत पंचमी के दिन से बसंत ऋतु का आगमन होता है, जो नई ऊर्जा और प्रकृति के उत्थान का संकेत है। इस दिन वृक्षों की कटाई-छंटाई करना अशुभ माना जाता है और इससे जीवन में नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।