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Ashadha Amavasya 2021: कुंडली में है पितृ दोष, तो अमावस्या के दिन लगाइए ये पौधे पितरों की आत्मा को मिलेगी शांति

Sat, 03 Jul 2021 01:45 PM IST
संकल्प सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला
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आषाढ़ अमावस्या प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : social media
हर महीने की अमावस्या तिथि पितरों के लिए काफी महत्वपूर्ण होती है। भारतीय संस्कृति में पुरानी मान्यता है कि अगर इस दिन पितरों के लिए कुछ जरूरी काम किए जाएं तो उनकी आत्मा को शांति मिलती है। इससे पितृ खुश हो जाते हैं और अपने वंशजों को आशीर्वाद देते हैं। इस कारण अमावस्या के दिन पितरों के नाम पर दान-पुण्य जरूर करना चाहिए। इसके अलावा इस दिन गीता का भी पाठ करना चाहिए। आपको बता दें कि आषाढ़ मास की अमावस्या 9 जुलाई को पड़ रही है। कई ज्योतिष विशेषज्ञ कुछ खास तरह का उपाए बता रहे हैं, जिनको अमल में लाया जाए तो इससे पितरों की आत्मा काफी संतुष्ट होगी। उनके मुताबिक अगर अमावस्या की तिथि पर एक वृक्ष लगाया जाए तो काफी पुण्य मिलेगा। ज्योतिष विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे-जैसे यह पौधा बड़ा होगा, वैसे-वैसे जीवन से तमाम समस्याएं दूर होती चली जाएंगी। अगर आपकी कुंडली में पितृ दोष है तो आपको ये पौधे जरूर लगाना चाहिए। इससे आपके पितरों को शांति प्राप्त होगी और आपके ऊपर उनकी कृपा बरसेगी। आइए जानते हैं उन पौधों के बारे में जिन्हें लगाना पितरों के लिए काफी शुभ माना जाता है - 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media

बरगद 


हमारे पौराणिक शास्त्रों में बरगद के वृक्ष को काफी पवित्र माना गया है। इस वृक्ष को मोक्षदायी की संज्ञा दी गई है। मान्यता है कि अमावस्या के दिन अगर इस वृक्ष को लगाया जाए तो पितरों को काफी शांति मिलती है। इस दिन बरगद के पेड़ के नीचे बैठकर भगवान शिव की पूजा भी करनी चाहिए। इससे परिवार के भीतर खुशियां और संपन्नता आती है।  
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media

पीपल 


बरगद की तरह पीपल के वृक्ष को भी हमारे पौराणिक ग्रंथों में काफी शुभ माना गया है। अगर आप इस पेड़ को अमावस्या के दिन लगा रहें हैं, तो इससे आपके पितरों को सद्गति प्राप्त होती है। अगर अमावस्या के दिन आप पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाते हैं तो ये आपके लिए काफी शुभ है। आपकी कुंडली में अगर गुरु चांडाल योग है तो आपको अमावस्या के दिन पीपल का पेड़ अवश्य लगाना चाहिए। 

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तुलसी के पत्ते (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock

तुलसी


तुलसी के पौधे का हमारी संस्कृति में एक खास महत्व है। इसका संबंध सीधे बैकुंठ धाम से जोड़कर देखा जाता है। अगर अमावस्या के दिन आप तुलसी के पौधे को अपने पितरों के नाम से लगाते हैं तो इससे पितरों को मुक्ति मिलती है और वे सीधे बैकुंठ धाम जाते हैं। मान्यता यह भी है कि जिस घर के भीतर तुलसी का पौधा होता है। वहां पर वास्तुदोष खत्म हो जाता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala

बेल


यह पेड़ भगवान शिव शंकर का काफी प्रिय वृक्ष है। अमावस्या के दिन इसे लगाने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। अगर आप शिवलिंग पर पितरों के नाम से गंगाजल अर्पित करने के बाद बेलपत्र चढ़ाते हैं, तो इससे भी पितरों की आत्मा को शांति मिलती है।
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