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Akshaya Tritiya 2025: कैसे होते हैं अक्षय तृतीया पर जन्म लेने वाले बच्चे? जानें कैसा होता है उनका जीवन

Thu, 17 Apr 2025 11:35 AM IST
ज्योति मेहरा ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मान्यता के अनुसार अक्षय तृतीया के दिन जन्मे शिशु को दीर्घायु, सौभाग्य और समृद्धि का वरदान प्राप्त होता है। आइए जानते हैं इस दिन जन्मे बच्चे कैसे होते हैं और उनका जीवन कैसा रहता है।
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अक्षय तृतीया पर जन्म लेने वाला शिशु कैसे होते हैं? - फोटो : adobe stock
Akshaya Tritiya 2025: ज्योतिष शास्त्र में कुछ तिथियां अत्यंत शुभ मानी गई हैं, जिनमें अक्षय तृतीया का विशेष स्थान है। यह तिथि ऐसी मानी जाती है, जिसका कभी भी क्षय नहीं होता, इसलिए इसे अक्षय कहा जाता है। वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को अक्षय तृतीया कहा जाता है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान विष्णु ने परशुराम, नर-नारायण और हयग्रीव रूप में अवतार लिया था। साल 2025 में यह पावन तिथि 30 अप्रैल को पड़ रही है। इस दिन को हर प्रकार के मांगलिक और पुण्य कार्यों के लिए शुभ माना जाता है।
 

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अक्षय तृतीया पर जन्म लेने वाला शिशु कैसे होते हैं? - फोटो : adobe stock
यदि किसी घर में इस दिन कन्या का जन्म होता है, तो उसे देवी लक्ष्मी का स्वरूप समझा जाता है। मान्यता के अनुसार इस दिन जन्मे शिशु को दीर्घायु, सौभाग्य और समृद्धि का वरदान प्राप्त होता है। आइए जानते हैं अक्षय तृतीया पर जन्मे बच्चे कैसे होते हैं और उनका जीवन कैसा रहता है।
 
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अक्षय तृतीया पर जन्म लेने वाला शिशु कैसे होते हैं? - फोटो : Adobe stock
अक्षय तृतीया पर जन्म लेने वाला शिशु
अक्षय तृतीया का दिन भगवान परशुराम के जन्म से जुड़ा है, जो वीरता, शक्ति और भक्ति के प्रतीक माने जाते हैं। इसलिए इस दिन जन्मी संतान में भी ये गुण विकसित होने की संभावना मानी जाती है। इस शुभ दिन पर जन्म लेने वाले शिशु साहसी और पराक्रमी होते हैं। 

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अक्षय तृतीया पर जन्म लेने वाला शिशु कैसे होते हैं? - फोटो : Adobe
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार अक्षय तृतीया से ही सतयुग की शुरुआत हुई थी। इसी दिन वेदव्यास जी ने भगवान गणेश के साथ मिलकर महाभारत की रचना आरंभ की थी। इस कारण यह दिन ज्ञान, बुद्धि और रचनात्मकता का प्रतीक भी माना जाता है। माना जाता है कि इस दिन जन्मे लोग बुद्धिमान और रचनात्मक भी होते हैं। 

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अक्षय तृतीया पर जन्म लेने वाला शिशु कैसे होते हैं? - फोटो : adobe stock
रोहिणी नक्षत्र का संयोग
अक्षय तृतीया के दिन प्रायः रोहिणी नक्षत्र का संयोग होता है। इस नक्षत्र में जन्मे लोग सौंदर्यप्रिय, रचनात्मक, संवेदनशील और दयालु होते हैं। वे जीवन में भौतिक और मानसिक दोनों सुखों को प्राप्त करते हैं। रोहिणी नक्षत्र में ही भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भी हुआ था, जिससे इसकी महत्ता और बढ़ जाती है।

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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