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Yogini Ekadashi 2023: इस व्रत कथा के बिना अधूरी है योगिनी एकादशी की पूजा, जानें इसका महत्व

Mon, 12 Jun 2023 11:38 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हर साल आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि के दिन योगिनी एकादशी व्रत रखा जाता है। इस बार योगिनी एकादशी 14 जून 2023, बुधवार को है। 
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Yogini Ekadashi 2023: इस व्रत कथा के बिना अधूरी है योगिनी एकादशी की पूजा - फोटो : अमर उजाला
Yogini Ekadashi 2023 Date Vrat Katha: हर साल आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि के दिन योगिनी एकादशी व्रत रखा जाता है। इस बार योगिनी एकादशी 14 जून 2023, बुधवार को है। इस दिन जगत के पालनहार भगवान श्रीहरि विष्णु की पूजा की जाती है। योगिनी एकदशी व्रत का अपना विशेष महत्व है। मान्यता है कि विधि विधान से योगिनी एकादशी व्रत को करने से 88 हजार ब्राह्राणों को भोजन करने के बराबर का फल मिलता है। जो भक्त योगिनी एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा अर्चना करते हैं, उन्हें पाप कर्मों से मुक्ति मिलती है। साथ ही इस व्रत करने वाले लोगों को मृत्यु के बाद भगवान विष्णु के चरणों में स्थान प्राप्त होता है। ऐसे में इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा करें और व्रत कथा जरूर पढ़ें। योगिनी एकादशी व्रत कथा इस प्रकार है... 

Yogini Ekadashi 2023: समस्त पापों से मुक्ति दिलाता है योगिनी एकादशी का व्रत, जानें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त 
 
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Yogini Ekadashi 2023: इस व्रत कथा के बिना अधूरी है योगिनी एकादशी की पूजा - फोटो : अमर उजाला
योगिनी एकादशी व्रत कथा
पौराणिक कथा के अनुसार स्वर्ग धाम की अलकापुरी नामक नगरी में कुबेर नाम का राजा रहता था। वह शिव भक्त था और प्रतिदिन भगवान शिव की पूजा किया करता था। हेम नाम का एक माली पूजा के लिए राजा के यहां फूल लाया करता था। हेम की विशालाक्षी नाम की सुंदर स्त्री थी। एक दिन वह मानसरोवर से पुष्प तो ले आया, लेकिन कामासक्त होने के कारण वह अपनी स्त्री से हास्य-विनोद तथा रमण करने लगा।


 
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Yogini Ekadashi 2023: इस व्रत कथा के बिना अधूरी है योगिनी एकादशी की पूजा - फोटो : अमर उजाला
इधर राजा उसकी दोपहर तक राह देखता रहा। अंत में राजा कुबेर ने सेवकों को आज्ञा दी कि तुम लोग जाकर माली के न आने का कारण पता करो, क्योंकि वह अभी तक पुष्प लेकर नहीं आया। सेवकों ने कहा कि महाराज वह पापी अतिकामी है, अपनी स्त्री के साथ हास्य-विनोद कर रहा होगा। ये सुनकर कुबेर क्रोधित हो गए और उसे बुलाया। हेम माली उपस्थित हुआ। राजा कुबेर ने क्रोध में आकर कहा- तूने मेरे परम पूजनीय ईश्वरों के ईश्वर श्री शिवजी महाराज का अनादर किया है, इसलिए मैं तुझे श्राप देता हूं कि तू स्त्री का वियोग सहेगा और मृत्युलोक में जाकर कोढ़ी होगा।’

Yogini Ekadashi 2023: योगिनी एकादशी पर जरूर करें ये उपाय, भगवान विष्णु के साथ मां लक्ष्मी की भी बरसेगी कृपा 

 

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Yogini Ekadashi 2023: इस व्रत कथा के बिना अधूरी है योगिनी एकादशी की पूजा - फोटो : istock
कुबेर के श्राप से हेम माली का स्वर्ग से पतन हो गया और वह उसी क्षण पृथ्वी पर गिर गया। भूतल पर आते ही उसके शरीर में श्वेत कोढ़ हो गया। उसकी स्त्री भी उसी समय अंतर्ध्यान हो गई। मृत्यु लोक में आकर माली के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट गया। वह जंगल में बिना अन्न और जल के भटकता रहा। रात्रि को निद्रा भी नहीं आती थी, परंतु शिवजी की पूजा के प्रभाव से उसको पिछले जन्म की स्मृति का ज्ञान अवश्य रहा। घूमते-घ़ूमते एक दिन वह मार्कण्डेय ऋषि के आश्रम में पहुंच गया, जो ब्रह्मा से भी अधिक वृद्ध थे और जिनका आश्रम ब्रह्मा की सभा के समान लगता था। हेम माली वहां जाकर उनके पैरों में पड़ गया।
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Yogini Ekadashi 2023: इस व्रत कथा के बिना अधूरी है योगिनी एकादशी की पूजा - फोटो : istock
उसे देखकर मार्कण्डेय ऋषि बोले तुमने ऐसा कौन-सा पाप किया है, जिसके प्रभाव से ये हालत हो गई। हेम माली ने सारा वृत्तांत सुनाया। ये सुनकर ऋषि बोले- निश्चित ही तूने मेरे सम्मुख सत्य वचन कहे हैं, इसलिए तेरे उद्धार के लिए मैं एक व्रत बताता हूँ। यदि तू आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की योगिनी नामक एकादशी का विधिपूर्वक व्रत करेगा तो तेरे सब पाप नष्ट हो जाएंगे।

Yogini Ekadashi 2023: योगिनी एकादशी पर इस विधि से करें पूजा, बरसेगी भगवान विष्णु की कृपा 

 
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Yogini Ekadashi 2023: इस व्रत कथा के बिना अधूरी है योगिनी एकादशी की पूजा - फोटो : iStock
ये सुनकर हेम माली ने अत्यंत प्रसन्न होकर मुनि को साष्टांग प्रणाम किया। मुनि ने उसे स्नेह के साथ उठाया। हेम माली ने मुनि के कथनानुसार विधिपूर्वक योगिनी एकादशी का व्रत किया। इस व्रत के प्रभाव से अपने पुराने स्वरूप में आकर वह अपनी स्त्री के साथ सुखपूर्वक रहने लगा।
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