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विजयादशमी पर हनुमानजी की उपासना से मिलता है शुभ फल, जानें प्रसन्न करने के 7 उपाय

Mon, 19 Oct 2026 06:54 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

इस वर्ष विजयादशमी पर मंगलवार के दिन का संयोग बन रहा है जिसे बहुत ही शुभ संयोग माना जाता है। इस संयोग में हनुमानजी की पूजा करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। 
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दशहरा 2026 - फोटो : AI
विजयादशमी यानी दशहरा बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक पर्व है। मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी का पर्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मंगलवार का दिन हनुमान जी की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। ऐसे में विजयादशमी और मंगलवार का यह संयोग बजरंगबली की भक्ति, साहस, आत्मविश्वास और संकटों से मुक्ति की कामना के लिए खास माना जा सकता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक हनुमान जी की पूजा करने, हनुमान चालीसा पढ़ने और जरूरतमंदों की सेवा करने से भक्तों को शुभ फल प्राप्त होते हैं।
 
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विजयादशमी पूजा के नियम - फोटो : amar ujala
1. हनुमान जी को अर्पित करें मीठा पान
विजयादशमी के दिन स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर हनुमान जी के मंदिर जाएं। बजरंगबली को श्रद्धानुसार मीठा पान अर्पित करें।पूजा करते समय अपनी मनोकामना का स्मरण करें और प्रभु से सद्बुद्धि, साहस तथा परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करें। भोग में सात्विकता और श्रद्धा का विशेष ध्यान रखें।
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- फोटो : Amar ujala
2. लाल ध्वजा
दशहरे पर लाल ध्वजा अर्पित करना शुभ माना जाता है। लाल रंग को शक्ति, उत्साह और पराक्रम का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि हनुमान जी को लाल ध्वजा अर्पित करने से जीवन में साहस और आत्मविश्वास बढ़ाने की प्रेरणा मिलती है ही आपके रुके हुए काम बनने की संभावना भी बनती है।

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hanuman chalisa - फोटो : amar ujala
3. हनुमान चालीसा का करें पाठ
विजयादशमी के दिन हनुमान चालीसा का सात बार पाठ करने का संकल्प लिया जा सकता है। यदि समय कम हो तो कम से कम एक बार श्रद्धापूर्वक पाठ करें। धार्मिक मान्यता है कि हनुमान चालीसा का पाठ भय और नकारात्मक विचारों से उबरने तथा मन को स्थिर रखने में सहायक आध्यात्मिक आधार प्रदान करता है। पाठ के दौरान हनुमान जी के गुणों, सेवा भाव और निर्भीकता का स्मरण करें।
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हनुमान जी - फोटो : अमर उजाला
4. सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करें
हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करने की परंपरा प्रचलित है। विजयादशमी पर मंदिर के पुजारी की सलाह से बजरंगबली को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित कर सकते हैं। मान्यता है कि इससे हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है। पूजा में स्वच्छता और श्रद्धा बनाए रखें। प्रतिमा पर स्वयं कुछ लगाने के बजाय मंदिर की परंपरा का पालन करें।
 
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सुंदरकांड का पाठ करने से हनुमान जी कृपा मिलती है - फोटो : अमर उजाला
5. सुंदरकांड का पाठ करें
दशहरा भगवान श्रीराम की विजय का पर्व है और हनुमान जी श्रीराम के परम भक्त हैं। इसलिए इस दिन सुंदरकांड का पाठ करना विशेष भक्तिपूर्ण माना जाता है। घर में परिवार के साथ सुंदरकांड का पाठ करें या किसी मंदिर में आयोजित पाठ में शामिल हों। इससे श्रीराम और हनुमान जी के प्रति भक्ति दृढ़ करने, धैर्य रखने और कठिन परिस्थितियों में हिम्मत न हारने की प्रेरणा मिलती है।
 
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- फोटो : अमर उजाला
6. बूंदी या गुड़-चना का भोग लगाएं
हनुमान जी को बूंदी, बूंदी के लड्डू अथवा गुड़-चना अर्पित करने की परंपरा कई स्थानों पर प्रचलित है। विजयादशमी पर अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार सात्विक भोग लगाएं। इसके बाद प्रसाद परिवार और अन्य भक्तों में बांटें। प्रसाद वितरण के साथ जरूरतमंदों को भोजन कराना भी पुण्य का कार्य माना जाता है।

7. राम नाम जपें
हनुमान जी को सेवा, विनम्रता और श्रीराम के प्रति अटूट समर्पण का आदर्श माना जाता है।  ‘श्रीराम जय राम जय जय राम’ अथवा ‘ॐ हनुमते नमः’ मंत्र का श्रद्धापूर्वक जप करें। यह उपाय भक्ति को व्यवहार में उतारने का अवसर देता है।
 
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