Dussehra 2026
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- विजय मुहूर्त-दोपहर 1 बजकर 59 मिनट से 2 बजकर 45 मिनट तक।
- अपराह्न पूजा मुहूर्त- दोपहर 1 बजकर 14 मिनट से शाम 3 बजकर 30 मिनट तक।
रावण दहन का शुभ मुहूर्त
दशहरे पर रावण दहन की परंपरा बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रावण दहन प्रदोष काल में करना शुभ माना जाता है। पंचांग गणना के अनुसार, 20 अक्तूबर को प्रदोष काल शाम 5 बजकर 47 मिनट से शुरू होगा। इसके बाद स्थानीय परंपरा और आयोजन के अनुसार रावण दहन किया जा सकता है। वहीं, निशिता मुहूर्त 20 अक्तूबर की रात 11 बजकर 41 मिनट से 21 अक्तूबर की रात 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा।
दिन का चौघड़िया
अमृत-सुबह 6:24 से 7:49 बजे तक
काल-सुबह 7:49 से 9:15 बजे तक
शुभ-सुबह 9:15 से 10:40 बजे तक
रोग-सुबह 10:40 से दोपहर 12:05 बजे तक
उद्वेग-दोपहर 12:05 से 1:31 बजे तक
चर-दोपहर 1:31 से 2:56 बजे तक
लाभ-दोपहर 2:56 से शाम 4:22 बजे तक
अमृत-शाम 4:22 से 5:47 बजे तक
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।