शास्त्रों के अनुसार आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को दशहरा या विजयादशमी का त्योहार बड़े धूम-धाम से मनाने का विधान है। दुर्गा पूजा के दसवें दिन मनाई जाने वाली विजयादशमी अभिमान, अत्याचार एवं बुराई पर सत्य, धर्म और अच्छाई की विजय का प्रतीक है। भगवान श्री राम ने अधर्म,अत्याचार और अन्याय के प्रतीक रावण का वध करके पृथ्वीवासियों को भयमुक्त किया था और देवी दुर्गा ने महिषासुर नामक असुर का वध करके धर्म और सत्य की रक्षा की थी। इस दिन भगवान श्री राम, दुर्गाजी, लक्ष्मी, सरस्वती, गणेश और हनुमान जी की आराधना करके सभी के लिए मंगल की कामना की जाती है। समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए विजयादशमी पर रामायण पाठ, श्री राम रक्षा स्त्रोत, सुंदरकांड आदि का पाठ किया जाना शुभ माना जाता है।