वट सावित्री व्रत पूजा विधि
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वट सावित्री व्रत पूजा विधि
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें, फिर मन ही मन व्रत का संकल्प लें।
- पूजा के लिए बांस की दो टोकरी तैयार करें और उनमें सप्तधान्य भरें।
- एक टोकरी में ब्रह्मा जी और सावित्री माता की प्रतिमा स्थापित करें।
- दूसरी टोकरी में सत्यवान और सावित्री की प्रतिमा रखें।
- माता सावित्री को श्रृंगार सामग्री अर्पित करें और विधि-विधान से पूजन करें।
- सावित्री माता के मंत्रों का जाप करते हुए अर्घ्य अर्पित करें।
- इसके बाद वट वृक्ष (बरगद) की पूजा करें और जड़ों में जल चढ़ाएं।
- पेड़ की परिक्रमा करें और साथ ही तने पर कच्चा सूत लपेटते जाएं।
- 7, 28 या 108 बार परिक्रमा करना शुभ माना जाता है।
- वट वृक्ष के नीचे बैठकर व्रत कथा सुनें या सुनाएं।
- अंत में पति की लंबी आयु, सुख-शांति और समृद्धि के लिए माता सावित्री से प्रार्थना करें।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।