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Vaishakh Amavasya: वैशाख अमावस्या पर स्नान-दान के अलावा करें ये काम, मिलेगा पितरों का आशीर्वाद

Fri, 18 Apr 2025 10:21 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Vaishakh Amavasya 2025 Date: वैशाख अमावस्या का दिन न केवल पितृ कृपा पाने के लिए उत्तम है, बल्कि यह आर्थिक और मानसिक समस्याओं से मुक्ति पाने का भी शुभ समय है। यदि श्रद्धा और विधिपूर्वक ये उपाय किए जाएं, तो जीवन में सुख-समृद्धि और शांति का वास होता है।
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Vaishakh Amavasya - फोटो : adobe stock
Vaishakh Amavasya Kab Hai: वैशाख, हिन्दू पंचांग का सबसे पवित्र महीना माना जाता है, जिसे धर्म, दान और तपस्या का महीना कहा गया है। इस महीने की अमावस्या तिथि पर किए गए स्नान, दान, जप और तर्पण से कई गुना पुण्य प्राप्त होता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन हमारे पूर्वज धरती के समीप होते हैं और हमारी ओर प्रेम और आशीर्वाद की दृष्टि रखते हैं। यदि इस दिन श्रद्धा से उनका स्मरण और तर्पण किया जाए, तो वे संतुष्ट होकर अपने वंशजों को सुख, समृद्धि और संतोष का वरदान देते हैं।

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Vaishakh Amavasya - फोटो : adobe stock
वैशाख अमावस्या कब है? 
पंचांग के अनुसार वैशाख अमावस्या तिथि आरंभ: 27 अप्रैल, प्रातः 04 बजकर 49 मिनट पर 
पंचांग के अनुसार वैशाख अमावस्या तिथि समाप्त: 28 अप्रैल, देर रात  01:00 बजे 
उदयातिथि के अनुसार 27 अप्रैल को वैशाख अमावस्या मानी जाएगी। 
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Vaishakh Amavasya - फोटो : adobe stock
वैशाख अमावस्या  स्नान-दान मुहूर्त
वैशाख अमावस्या पर स्नान-दान का शुभ मुहूर्त : 27 अप्रैल प्रातः 04: 17 मिनट से प्रातः  5:00  बजे तक 
अभिजीत मुहू्र्त: प्रातः 11:53 से दोपहर 12:45 तक 

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Vaishakh Amavasya - फोटो : adobe stock
पितृ दोष निवारण के लिए करें ये काम 
  • वैशाख अमावस्या के दिन प्रातःकाल सूर्योदय से पहले किसी पवित्र नदी, तालाब या घर पर गंगाजल मिले जल से स्नान करें।
  • पितरों के नाम से तिल, जल और कुश से तर्पण करें।
  • पिंडदान करें और गौ, ब्राह्मण तथा जरूरतमंदों को भोजन कराएं।
  • इससे पितृ दोष शांत होता है और पूर्वजों की कृपा प्राप्त होती है।
  • किसी गरीब या वृद्ध को भोजन कराना विशेष पुण्यदायी होता है।
  • काले कुत्ते या गाय को रोटी खिलाएं।
  • हनुमान जी को सिंदूर और चोला अर्पित करें, मनोकामनाएं पूर्ण होंगी।
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Vaishakh Amavasya - फोटो : adobe stock
धन प्राप्ति के जरूर करें ये उपाय 
  • इस दिन तुलसी की माला से 108 बार गायत्री मंत्र का जाप करें। यह मंत्र बुद्धि, तेज और लक्ष्मी की प्राप्ति में सहायक होता है।
  • पीपल के वृक्ष के नीचे सूर्यास्त के बाद तिल के तेल का दीपक जलाएं। यह उपाय राहु-केतु दोष को शांत करता है और जीवन में आ रही रुकावटों को दूर करता है।
  • इस दिन चावल, तिल, वस्त्र, गुड़, और आटा का दान करें। यह उपाय शनि और चंद्र से जुड़े दोषों को कम करता है और आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाता है।


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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