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Vaishakh Amavasya 2026: 17 अप्रैल को वैशाख अमावस्या, जानें स्नान-दान का मुहूर्त, करें इन मंत्रों का जाप

Tue, 14 Apr 2026 11:16 AM IST
Shweta Singh धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

साल 2026 में वैशाख अमावस्या 17 अप्रैल को मनाई जाएगी। इस दिन का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह पितरों की शांति और मोक्ष प्राप्ति के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
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वैशाख अमावस्या - फोटो : amar ujala
Vaishakh Amavasya 2026: हिंदू धर्म में वैशाख माह का विशेष महत्व माना गया है। यह महीना धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र होता है और इसे दान, पुण्य, व्रत और आध्यात्मिक साधना के लिए बहुत शुभ माना जाता है। इस पूरे माह में किए गए अच्छे कर्मों का फल कई गुना बढ़कर मिलता है। विशेष रूप से वैशाख अमावस्या का दिन बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। साल 2026 में वैशाख अमावस्या 17 अप्रैल को मनाई जाएगी। इस दिन का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह पितरों की शांति और मोक्ष प्राप्ति के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
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उदयातिथि के अनुसार वैशाख अमावस्या 17 अप्रैल 2026 को रहेगी - फोटो : adobe stock
वैशाख अमावस्या तिथि 
वैशाख महीने की अमावस्या तिथि आरंभ: 16 अप्रैल, रात्रि 8:11 मिनट पर 
वैशाख महीने की अमावस्या तिथि समाप्त: 17 अप्रैल, सायं 5: 21 मिनट पर 
उदयातिथि के अनुसार वैशाख अमावस्या 17 अप्रैल 2026 को रहेगी
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स्नान-दान का शुभ मुहूर्त - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
स्नान-दान का शुभ मुहूर्त 
स्नान-दान का शुभ मुहूर्त: प्रातः 5:54 से 10:44 बजे तक है

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इस दिन किए गए दान और पूजा का फल सीधे पूर्वजों तक पहुंचता है। - फोटो : अमर उजाला
वैशाख अमावस्या का महत्व
वैशाख अमावस्या को पितृ दोष की शांति के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन पितरों के निमित्त तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान करने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है और परिवार में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन किए गए दान और पूजा का फल सीधे पूर्वजों तक पहुंचता है और जीवन की बाधाएं कम होती हैं। इसके साथ ही यह दिन आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति के लिए भी महत्वपूर्ण होता है। लोग इस दिन व्रत रखते हैं, पवित्र नदियों में स्नान करते हैं और भगवान की आराधना करते हैं।
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वैशाख अमावस्या पर दान का विशेष महत्व बताया गया है। - फोटो : adobe stock
इस दिन क्या दान करना चाहिए
  • वैशाख अमावस्या पर दान का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन अपनी क्षमता के अनुसार अन्न, जल, वस्त्र, तिल, गुड़, छाता, जूते और भोजन का दान करना बहुत शुभ माना जाता है।
  • विशेष रूप से गरीब और जरूरतमंद लोगों को भोजन कराना या उन्हें आवश्यक वस्तुएं देना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।
  • इसके अलावा पितरों की शांति के लिए तिल और जल का दान करना भी अत्यंत लाभकारी माना जाता है।
  • पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं । 
 
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पितरों की प्रसन्नता के लिए मंत्र - फोटो : adobe stock
पितरों की प्रसन्नता के लिए मंत्र
पितरों की प्रसन्नता के लिए इस दिन गंगाजल मिश्रित जल से स्नान, तर्पण, और 'ॐ सर्व पितृ देवाय नमः' मंत्र का जप करें। 
पितृ गायत्री मंत्र- ॐ पितृगणाय विद्महे जगत धारिणी धीमहि तन्नो पितृ प्रचोदयात्
सामान्य मंत्र- ॐ पितृभ्यः नमः या ॐ सर्व पितृ देवाय नमः
तर्पण मंत्र- ॐ पितृभ्यः स्वधा नमः
शांति मंत्र- ॐ श्री सर्व पितृ देवताभ्यो नमो नमः



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
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