Utpanna Ekadashi 2025: मार्गशीर्ष माह का प्रारंभ हो चुका है और इसके कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर उत्पन्ना एकादशी का व्रत रखा जाता है। यह दिन माता एकादशी के जन्म से जुड़ा है। मान्यता है कि इस तिथि पर भगवान विष्णु के शरीर से देवी एकादशी की उत्पत्ति हुई थी। इसलिए पूजा-पाठ व दान-दक्षिणा के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। इसके प्रभाव से व्यक्ति को जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-शांति का वास होता है। शास्त्रों के मुताबिक, उत्पन्ना एकादशी पर भगवान विष्णु को पीली चीजें अर्पित करने पर भक्तों के सभी संकट दूर होते हैं और जीवन में शुभता आती है। इस वर्ष उत्पन्ना एकादशी 15 नवंबर को मनाई जाएगी। ऐसे में आइए इसके महत्व और पूजन विधि को जानते हैं।
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