भगवान को माखन, मिश्री, दही और मोदक चढ़ाएं तथा तुलसीदल अवश्य अर्पित करें।
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निशीथ लग्न का महत्व
जन्माष्टमी की पूजा का सबसे महत्वपूर्ण समय निशीथ लग्न होता है, क्योंकि इसी समय भगवान का जन्म हुआ था। इस वर्ष निशीथ लग्न केवल 44 मिनट का है, जो रात 12:04 से 12:47 बजे तक रहेगा। इस समय पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल और मेवा) का भोग अर्पित करना अनिवार्य है। साथ ही, भगवान को माखन, मिश्री, दही और मोदक चढ़ाएं तथा तुलसीदल अवश्य अर्पित करें।