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Shardiya Navratri 2025: शारदीय नवरात्रि में रोजाना करें यह सरल उपाय, कर्ज-रोग सहित दोषों से मिलेगी मुक्ति

Tue, 23 Sep 2025 01:21 PM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Shardiya Navratri 2025: पंचाग के मुताबिक आश्विन मास की शुक्ल प्रतिपदा तिथि से शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ होता है। इस वर्ष नवरात्रि 22 सितंबर, सोमवार से प्रारंभ हो चुकी है, जो 2 अक्तूबर को विजया दशमी के दिन संपन्न होगी। 
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Shardiya Navratri 2025 - फोटो : adobe
Shardiya Navratri 2025: पंचाग के मुताबिक आश्विन मास की शुक्ल प्रतिपदा तिथि से शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ होता है। इस वर्ष नवरात्रि 22 सितंबर, सोमवार से प्रारंभ हो चुकी है, जो 2 अक्तूबर को विजया दशमी के दिन संपन्न होगी। यह पावन अवधि देवी दुर्गा की उपासना को समर्पित है, जिसमें माता के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। मान्यता है कि नवरात्रि के समय स्वयं माता दुर्गा पृथ्वी पर आती है और सभी भक्तों पर अपनी असीम कृपा बरसाती हैं।

इस वर्ष माता का आगमन हाथी पर हुआ है, जिसे सुख-समृद्धि, राष्ट्र उन्नति और सर्वकल्याण का प्रतीक माना गया है। ऐसे में अगर शारदीय नवरात्रि के नौ दिनों में रोजाना दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जाए, तो जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। साथ ही आर्थिक स्थिति में भी सुधार आता है। शास्त्रों में भी दुर्गा सप्तशती के पाठ का महत्व बताया गया है। इसके प्रभाव से व्यक्ति की भीतर की नकारात्मकता दूर होती है और शुद्धता बढ़ती है। ऐसे में आइए इस पाठ को जानते हैं।
 
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Shardiya Navratri 2025 - फोटो : freepik
  • धार्मिक मान्यता के अनुसार दुर्गा सप्तशती में 13 अध्याय और 700 श्लोक हैं, जिनमें मां दुर्गा के तीन स्वरूप-महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती की महिमा का वर्णन मिलता है। प्रत्येक अध्याय का अलग महत्व है और यह जीवन की विभिन्न समस्याओं का निवारण करने में सहायक माना गया है। इसके अलावा केवल सप्तशती के संपूर्ण पाठ में से इन 7 विशेष सिद्ध श्लोकों का जाप करने से भी साधक को पूर्ण लाभ की प्राप्ति होती है।
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Shardiya Navratri 2025 - फोटो : freepik

मां दुर्गा का सप्तशती पाठ-

ॐ ज्ञानिनामपि चेतांसि देवी भगवती हि सा। 
बलादाकृष्य मोहाय महामाया प्रयच्छति।।

दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेष जन्तोः स्वस्थैः स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि। 
दारिद्र्य दुःख भयहारिणि का त्वदन्या सर्वोपकार करणाय सदार्द्रचित्ता।।

सर्वमङ्गल माङ्गल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके। 
शरण्ये त्र्यंम्बके गौरि नारायणि नमोस्तु ते॥

शरणागत दीनार्तपरित्राण परायणे 
सर्वस्यार्ति हरे देवि नारायणि नमोस्तु ते॥4॥

सर्वस्वरुपे सर्वेशे सर्वशक्ति समन्विते। 
भयेभ्यस्त्राहि नो देवि दुर्गे देवि नमोस्तु ते॥

रोगानशेषानपंहसि तुष्टारुष्टा तु कामान् सकलानभीष्टान्। 
त्वामाश्रितानां न विपन्नराणां त्वामाश्रिता हि आश्रयतां प्रयान्ति॥

सर्वबाधा प्रशमनं त्रैलोक्यस्याखिलेश्वरि। 
एवमेव त्वया कार्यम् अस्मद् वैरि विनाशनम्॥

 
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Shardiya Navratri 2025 - फोटो : freepik
शारदीय नवरात्रि 2025 कैलेंडर
  • 22 सितंबर 2025 – प्रतिपदा       (शैलपुत्री पूजा)
  • 23 सितंबर 2025 – द्वितीया        (ब्रह्मचारिणी पूजा)
  • 24 सितंबर 2025 – तृतीया         (चन्द्रघण्टा पूजा)
  • 26 सितंबर 2025 – चतुर्थी          (कूष्माण्डा पूजा)
  • 27 सितंबर 2025 – पञ्चमी          (स्कन्दमाता पूजा)
  • 28 सितंबर 2025 – महाषष्ठी       (कात्यायनी पूजा)
  • 29 सितंबर 2025 – महासप्तमी   (कालरात्रि पूजा)
  • 30 सितंबर 2025 – महाअष्टमी    (महागौरी पूजा)
  • 1 अक्टूबर 2025 – महानवमी     (सिद्धिदात्री पूजा)
  • 2 अक्टूबर 2025 – विजयादशमी

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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