Shani Sade Sati Remedies: 13 मई 2025 से ज्येष्ठ महीने की शुरुआत हो चुकी है, जो धार्मिक दृष्टि से बेहद खास है। यह माह भीषण गर्मी और इसमें पड़ने वाले व्रत त्योहारों के लिए जाना जाता है। बता दें, ज्येष्ठ के महीने में अपरा एकादशी, बड़ा मंगल, वट सावित्री और गंगा दशहरा जैसे बड़े त्योहार मनाए जाते हैं। इस दौरान शनि जयंती का पर्व भी मनाया जाता है, जिसका इंतजार सभी को सालभर रहता है।
पंचांग के मुताबिक ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि पर शनि जयंती पड़ती है। मान्यता है कि इस दिन न्याय के देवता शनि महाराज का जन्म हुआ था। इसलिए इस तिथि पर उनकी पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति को सभी तरह के दोष से मुक्ति मिलती है।
ज्योतिष में शनि को कर्मफलदाता कहा जाता है, क्योंकि वह कर्म के अनुसार ही फल देते हैं। उनकी दृष्टि जीवन में समस्याएं बढ़ाने से लेकर कार्यों में सफलता दिलाती हैं। हालांकि शनि की साढ़ेसाती होने पर व्यक्ति अक्सर मानसिक तनाव और आर्थिक संकटों से घिरा रहता है। ऐसे में शनि जयंती पर कुछ खास उपाय करने से आप साढ़ेसाती के प्रभाव को कम कर सकते हैं। आइए इनके बारे में जानते हैं।