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Shani Jayanti 2021: शनि जयंती पर इस विधि से करें न्यायदेवता की पूजा, बरतें ये सावधानियां

Wed, 02 Jun 2021 05:51 AM IST
रुस्तम राणा पं. मनोज कुमार द्विवेदी, ज्योतिषाचार्य, नई दिल्ली
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शनि जयंती 2021: शनि जयंती प्रति वर्ष ज्येष्ठ अमावस्या तिथि पर मनाई जाती है। - फोटो : अमर उजाला
10 जून को शनि जयंती है। ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को शनिदेव का जन्म हुआ था। ज्योतिष के अनुसार सभी नौ ग्रहों में शनिदेव को न्यायाधीश का दर्जा प्राप्त है। यह उपाधि शनिदेव को भगवान शंकर ने दी है। शनिदेव अच्छे कर्म करने पर अच्छा फल देते हैं और बुरे कर्म करने पर बुरा। शनि देव के पिता सूर्य देव हैं। हनुमान भक्तों को शनि देव कभी भी परेशान नहीं करते हैं।
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शनि जयंती 2021 - फोटो : social media
बेहद कल्याणकारी है यह शुभ दिन 
शनि जयंती पूरे उत्तर भारत में ज्येष्ठ माह की अमावस्या को मनाई जाती है। संयोगवश उत्तर भारत में ज्येष्ठ अमावस्या को शनि जयंती के साथ-साथ वट सावित्री व्रत भी रखा जाता है। माना जाता है कि शनि अमावस्या के दिन शनिदेव की पूजा करने से सारे शनि के कोप का भाजन बनने से बचा जा सकता है। यदि पहले से ही कोई शनि के प्रकोप को झेल रहा है तो उसके लिए भी यह दिन बहुत ही कल्याणकारी हो सकता है। 
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शनि जयंती 2021 - फोटो : Pixabay
ज्योतिष शास्त्र में शनि देव
शनिदेव भगवान सूर्य और माता छाया (संवर्णा) के पुत्र हैं। इन्हें क्रूर ग्रह माना जाता है जो कि इन्हें पत्नी के शाप के कारण मिला है। शनि के अधिदेवता प्रजापति ब्रह्मा और प्रत्यधिदेवता यम हैं। फलित ज्योतिष के अनुसार शनि को अशुभ माना जाता है व 9 ग्रहों में शनि का स्थान सातवां है। ये एक राशि में तीस महीने तक रहते हैं तथा मकर और कुंभ राशि के स्वामी माने जाते हैं। शनि की महादशा 19 वर्ष तक रहती है। 

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शनि जयंती 2021 - फोटो : सोशल मीडिया
न्याय के देवता हैं शनि महाराज
शनि की गुरूत्वाकर्षण शक्ति पृथ्वी से 95वें गुणा ज्यादा मानी जाती है। माना जाता है इसी गुरुत्व बल के कारण हमारे अच्छे और बूरे विचार चुंबकीय शक्ति से शनि के पास पंहुचते हैं जिनका कृत्य अनुसार परिणाम भी जल्द मिलता है। असल में शनिदेव बहुत ही न्यायप्रिय राजा हैं। 
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शनि जयंती 2021 - फोटो : सोशल मीडिया
इन लोगों पर नहीं रहती है शनि की बुरी नजर
यदि आप किसी से धोखा-धड़ी नहीं करते, किसी के साथ अन्याय नहीं करते, किसी पर कोई जुल्म अत्याचार नहीं करते, कहने का तात्पर्य ये है कि अगर आप बुरे कामों में संलिप्त नहीं हैं तब आपको शनि से घबराने की कोई जरुरत नहीं है क्योंकि शनिदेव भले जातकों को कोई कष्ट नहीं देते हैं।
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शनि जयंती 2021 - फोटो : social media
कैसे करें शनिदेव की पूजा
शनिदेव की पूजा भी बाकी देवी-देवताओं की पूजा की तरह सामान्य ही होती है। प्रात:काल उठकर शौचादि से निवृत होकर स्नानादि से शुद्ध हों। फिर लकड़ी के एक पाट पर काला वस्त्र बिछाकर उस पर एक सुपारी रखकर उसके दोनों ओर शुद्ध घी व तेल का दीपक जलाकर धूप जलाएं। शनिदेवता के इस प्रतीक स्वरूप को पंचगव्य, पंचामृत, इत्र आदि से स्नान करवायें। इसके बाद अबीर, गुलाल, सिंदूर, कुमकुम व काजल लगाकर नीले फूल अर्पित करें। तत्पश्चात इमरती व तेल में तली वस्तुओं का नैवेद्य अपर्ण करें। इसके बाद श्री फल सहित अन्य फल भी अर्पित करें। पंचोपचार पूजन के बाद शनि मंत्र का कम से कम एक माला जप भी करना चाहिए। माला जपने के पश्चात शनि चालीसा का पाठ करें व तत्पश्चात शनि महाराज की आरती भी उतारनी चाहिए।
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शनि जयंती 2021 - फोटो : अमर उजाला
इन बातों का रखें ध्यान
  • शनि देव की पूजा करने के दिन सूर्योदय से पहले शरीर पर तेल मालिश कर स्नान करना चाहिए।
  • शनि पूजा के साथ-साथ हनुमान जी की भी पूजा जरूर करनी चाहिए।
  • शनि जयंती या शनि पूजा के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।
  • इस दिन यात्रा को भी स्थगित कर देना चाहिए।
  • किसी जरूरतमंद गरीब व्यक्ति को तेल में बने खाद्य पदार्थों का सेवन करवाना चाहिए।
  • गाय और कुत्तों को भी तेल में बने पदार्थ खिलाने चाहिए।
  • बुजुर्गों व जरुरतमंद की सेवा और सहायता भी करनी चाहिए।
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