धार्मिक महत्व
- फोटो : adobe stock
धार्मिक महत्व
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सावन मास की शिवरात्रि के दिन ही भगवान शिव और देवी पार्वती का पुनः मिलन हुआ था। इस दिन विधिवत व्रत और पूजन करने से शिवजी शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों को मनोवांछित फल प्रदान करते हैं।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।