फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sawan Pradosh Vrat 2023: इस दिन है सावन माह का दूसरा प्रदोष व्रत, जानिए पूजा विधि और महत्व

Tue, 25 Jul 2023 10:34 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
इस दिन है सावन माह का दूसरा प्रदोष व्रत, जानिए पूजा विधि और महत्व - फोटो : iStock
Sawan Adhik Maas Pradosh Vrat 2023: इस साल सावन का महीना बहुत खास है, क्योंकि इस बार अधिक मास की वजह से सावन करीब दो महीने का है। ऐसे में इस माह में पड़ने वाले कुछ व्रत और त्योहार की संख्या भी बढ़ गई है। इसी प्रकार सावन में इस बार दो की बजाय चार प्रदोष व्रत हैं। वैसे तो हर माह में कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है, लेकिन सावन में आने वाले प्रदोष व्रत का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। इस दिन व्रत रखकर प्रदोष काल में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा अर्चना करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। सावन का एक प्रदोष व्रत बीत चुका है। वहीं दूसरा प्रदोष अधिक मास में होगा। ऐसे में आइए जानते हैं सावन अधिक मास के प्रदोष व्रत की तिथि, मुहूर्त और महत्व... 

Padmini Ekadashi 2023: पद्मिनी एकादशी के दिन करें ये उपाय, घर में होगा सुख-समृद्धि का आगमन 
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
इस दिन है सावन माह का दूसरा प्रदोष व्रत, जानिए पूजा विधि और महत्व - फोटो : iStock
कब है सावन का दूसरा प्रदोष व्रत 2023 ?
अधिक मास की शुरुआत हो चुकी है। अधिक मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 30 जुलाई 2023 को है। ऐसे में अधिक मास का पहला और सावन का दूसरा प्रदोष व्रत 30 जुलाई को ही रखा जाएगा। इस दिन रविवार होने से ये रवि प्रदोष व्रत कहलाएगा। 
विज्ञापन

3 of 5
इस दिन है सावन माह का दूसरा प्रदोष व्रत, जानिए पूजा विधि और महत्व - फोटो : iStock
सावन रवि प्रदोष व्रत 2023 मुहूर्त 
सावन अधिक मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 30 जुलाई 2023 को सुबह 10 बजकर 34 मिनट पर हो रही है। इसका समापन 31 जुलाई 2023 सोमवार को सुबह 07 बजकर 26 मिनट पर होगा। 

शिव पूजा समय- 30 जुलाई को शाम 07 बजकर 14 से रात 09 बजकर 19 तक। 


Shardiya Navratri 2023: कब से शुरू हो रही है शारदीय नवरात्रि? जानें कलश स्थापना का मुहूर्त और महत्व 

4 of 5
इस दिन है सावन माह का दूसरा प्रदोष व्रत, जानिए पूजा विधि और महत्व - फोटो : iStock
सावन प्रदोष व्रत 2023 पूजा विधि 
  • सावन अधिक मास के प्रदोष व्रत वाले दिन प्रातः काल जल्दी उठें और स्नान आदि करके पूजा के लिए साफ वस्त्र पहन लें। 
  • पूजा घर में दीपक जलाएं और व्रत का संकल्प लें। 
  • फिर पूरे दिन व्रत रखते हुए प्रदोष काल में शिव जी की पूजा और उपासना करें। 
  • शाम के समय प्रदोष काल में पूजा के दौरान दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल मिलाकर पंचामृत से शिवलिंग का जलाभिषेक करें। 
  • भांग, धतूरा, बेलपत्र फूल और नैवेद्य शिवलिंग पर अर्पित करें। 
  • इसके बाद भगवान शिव की प्रतिमा के पास धूप-दीप जला कर प्रदोष व्रत की कथा पढ़ें या सुनें। 
  • अंत में शिवजी की आरती करके पूजा समाप्त करें। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
इस दिन है सावन माह का दूसरा प्रदोष व्रत, जानिए पूजा विधि और महत्व - फोटो : iStock
प्रदोष व्रत के दिन बन रहे ये शुभ योग
सावन के दूसरे प्रदोष व्रत वाले दिन रवि योग, इंद्र योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बन रहा है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 6 बजकर 10 मिनट से 9 बजकर 2 मिनट तक है। रवि योग सुबह 9 बजकर 2 मिनट से अगले दिन सुबह 6 बजकर 11 मिनट तक है। वहीं इंद्र योग की बात करें तो 29 जुलाई को सुबह 9 बजकर 34 मिनट से 30 जुलाई को सुबह 6 बजकर 34 मिनट तक इंद्र योग रहेगा। ये सभी योग पूजा पाठ के लिए बहुत खास होते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें