उत्तर और दक्षिण भारत में तिथियों का अंतर क्यों?
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उत्तर और दक्षिण भारत में तिथियों का अंतर क्यों?
सावन की शुरुआत को लेकर उत्तर और दक्षिण भारत में भिन्नता देखने को मिलती है। इसका कारण पंचांग की गणना पद्धति है। उत्तर भारत, जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश, में पूर्णिमांत पद्धति अपनाई जाती है। इसमें पूर्णिमा के बाद कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से नया महीना शुरू होता है और अगली पूर्णिमा पर समाप्त होता है।
वहीं महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्यों में अमांत पद्धति प्रचलित है। इसमें अमावस्या के बाद शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नया माह शुरू होता है और अगली अमावस्या पर समाप्त होता है। यही कारण है कि उत्तर भारत में माह लगभग 15 दिन पहले शुरू हो जाता है, जबकि दक्षिण और पश्चिम भारत में बाद में।