फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sawan 2026: कब से शुरू होगा सावन, जानें तारीख, सोमवार व्रत और पूरा कैलेंडर

Fri, 17 Jul 2026 12:59 PM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Sawan 2026 Calendar: सावन के पावन मास की शुरुआत श्रावण कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है। आइए जानते हैं सावन 2026 की शुरुआत, समापन और सोमवार व्रत की पूरी जानकारी।
विज्ञापन
1 of 5
Sawan 2026 Calendar - फोटो : AI
Sawan 2026 Start Date And End Date: हिंदू पंचांग का पांचवां महीना सावन, जिसे श्रावण भी कहा जाता है, भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना जाता है। इस पावन मास की शुरुआत श्रावण कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है। इसी दिन से कई जगहों पर श्रावणी मेले आरंभ हो जाते हैं, जो पूरे महीने तक चलते हैं। सावन के दौरान शिवभक्त विशेष पूजा-अर्चना करते हैं, कांवड़ यात्रा निकालते हैं और गंगाजल या पवित्र जल से भगवान शिव का अभिषेक कर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना करते हैं। कई स्थानों पर यह यात्रा सावन शिवरात्रि तक चलती है, जबकि कहीं पूरे माह जारी रहती है। सावन के सोमवार व्रत का भी विशेष धार्मिक महत्व है। आइए जानते हैं सावन 2026 की शुरुआत, समापन और सोमवार व्रत की पूरी जानकारी।

Sawan 2026: सावन शुरू होने से पहले घर लाएं ये 6 शुभ चीजें, शिव कृपा से चमक जाएगी किस्मत
Sawan 2026: कब शुरू हो रहा है भोलेनाथ का प्रिय महीना? नोट कर लें सावन सोमवार की तिथियां
विज्ञापन

2 of 5
सावन 2026 कब से शुरू होगा? - फोटो : AI
सावन 2026 कब से शुरू होगा?
पंचांग के अनुसार इस वर्ष श्रावण कृष्ण प्रतिपदा तिथि 29 जुलाई को रात 8:05 बजे से प्रारंभ होगी और 30 जुलाई को रात 9:30 बजे तक रहेगी। 30 जुलाई को सुबह 5:41 बजे प्रतिपदा तिथि के साथ सूर्योदय होगा, इसलिए इसी दिन से सावन माह का आरंभ माना जाएगा।

सावन की अवधि कितनी होगी?
इस बार सावन का महीना कुल 31 दिनों का रहेगा। इसका आरंभ 30 जुलाई से होगा और समापन 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा के साथ होगा। पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त सुबह 9:08 बजे से शुरू होकर 28 अगस्त सुबह 9:48 बजे तक रहेगी। इसी दिन रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा।
 
विज्ञापन

3 of 5
सावन सोमवार 2026 - फोटो : ai
सावन सोमवार व्रत 2026
इस वर्ष सावन में कुल 4 सोमवार व्रत पड़ेंगे, जो इस प्रकार हैं,

पहला सावन सोमवार- 3 अगस्त
दूसरा सावन सोमवार- 10 अगस्त
तीसरा सावन सोमवार- 17 अगस्त
चौथा सावन सोमवार- 24 अगस्त

इन सोमवारों पर अलग-अलग शुभ योग भी बनेंगे, जो व्रत के महत्व को और बढ़ाते हैं।

4 of 5
उत्तर और दक्षिण भारत में तिथियों का अंतर क्यों? - फोटो : freepik
उत्तर और दक्षिण भारत में तिथियों का अंतर क्यों?
सावन की शुरुआत को लेकर उत्तर और दक्षिण भारत में भिन्नता देखने को मिलती है। इसका कारण पंचांग की गणना पद्धति है। उत्तर भारत, जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश, में पूर्णिमांत पद्धति अपनाई जाती है। इसमें पूर्णिमा के बाद कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से नया महीना शुरू होता है और अगली पूर्णिमा पर समाप्त होता है।

वहीं महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्यों में अमांत पद्धति प्रचलित है। इसमें अमावस्या के बाद शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नया माह शुरू होता है और अगली अमावस्या पर समाप्त होता है। यही कारण है कि उत्तर भारत में माह लगभग 15 दिन पहले शुरू हो जाता है, जबकि दक्षिण और पश्चिम भारत में बाद में।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
सावन का धार्मिक महत्व - फोटो : adobe stock
सावन का धार्मिक महत्व
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, सावन का संबंध समुद्र मंथन की कथा से जुड़ा है। इस मंथन के दौरान सबसे पहले घातक विष निकला, जिससे पूरी सृष्टि संकट में पड़ गई। तब भगवान शिव ने उस विष को अपने कंठ में धारण कर लिया और नीलकंठ कहलाए। विष के प्रभाव से उनके शरीर में तीव्र गर्मी उत्पन्न हुई, जिसे शांत करने के लिए देवी-देवताओं ने जल अर्पित किया। तभी से सावन में शिवलिंग पर जलाभिषेक की परंपरा चली आ रही है। माना जाता है कि इस माह में सच्चे मन से पूजा करने पर भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।

Guru Purnima 2026: 28 या 29 जुलाई कब है गुरु पूर्णिमा? जानिए सही तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व
Sawan 2026: शिवलिंग पर 3 पत्तियों वाला बेलपत्र ही क्यों चढ़ाया जाता है? जानें इसके पीछे की मान्यता

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें