Sawan Rudrabhishek Timing: श्रावण महीना, जिसे आमतौर पर सावन कहा जाता है, हिंदू पंचांग का एक अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण समय होता है। यह महीना विशेष रूप से भगवान शिव को समर्पित माना जाता है और भक्तगण पूरे महीने उपवास, जप, ध्यान और रुद्राभिषेक जैसे पूजन कर्मों के माध्यम से शिव भक्ति में लीन रहते हैं। सावन के प्रत्येक सोमवार को “श्रावण सोमवार व्रत” के रूप में मनाया जाता है, जहाँ शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखी जाती है। कई श्रद्धालु इस पावन महीने में सोलह सोमवार का व्रत भी आरंभ करते हैं, जो विशेष रूप से अविवाहित लड़कियों द्वारा उत्तम वर की प्राप्ति और वैवाहिक सुख के लिए रखा जाता है।
श्रावण माह में न केवल सोमवार, बल्कि अन्य दिन भी देवी-देवताओं की आराधना के लिए विशेष माने जाते हैं। जैसे कि मंगलवार, देवी पार्वती को समर्पित होता है और इस दिन महिलाएँ मंगल गौरी व्रत करती हैं, जिससे उन्हें दांपत्य जीवन में सौभाग्य और सुख की प्राप्ति हो। इसके अतिरिक्त, इस महीने में आने वाली सावन शिवरात्रि और हरियाली अमावस्या जैसे पर्व भी अत्यंत पुण्यदायक माने जाते हैं। सावन का हर दिन भक्ति, आस्था और प्रकृति के उल्लास से भरा होता है, जब न केवल मंदिरों में बल्कि घर-घर में भी भगवान शिव की महिमा गूंजती है।