ॐ नमः शिवाय मंत्र का महत्व
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ॐ नमः शिवाय मंत्र का महत्व
ॐ नमः शिवाय को महा मंत्र के रूप में जाना जाता है। सरल शब्दों में, मंत्र का अर्थ है 'भगवान शिव को नमस्कार'। इस मंत्र का आंतरिक महत्व भी है। 'ना' का अर्थ है नहीं और 'मह' या 'मह्यम्' का अर्थ है 'अहम' या मैं। शिव पारलौकिक चेतना है। दूसरे शब्दों में, शिव वह अवस्था है जहाँ मन या सीमित चेतना विलीन हो जाती है या मौजूद नहीं होती है। ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप स्पंदन उत्पन्न करता है। सकारात्मक, जीवन उत्थान ऊर्जा, और सार्वभौमिक हैं। ओम नमः शिवाय सबसे शक्तिशाली मंत्रों में से एक है। इस मंत्र के जाप से आपके सिस्टम में ऊर्जा का निर्माण होता है और वातावरण भी साफ होता है। लोग हजारों सालों से इस मंत्र का जाप करते आ रहे हैं।
ना मा शि वा या - ये पांच अक्षर पांच तत्वों ककई ओर संकेत देते हैं। वोपंच तत्व हैं - पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और व्योम। पांच तत्व मानव शरीर सहित सृष्टि में हर चीज का निर्माण करता है , और भगवान शिव इन पांच तत्वों के स्वामी हैं। जबकि 'ॐ' ब्रह्मांड की ध्वनि है। 'ॐ' का अर्थ है शांति और प्रेम। तो पर्यावरण में पांच तत्वों के सामंजस्य के लिए 'ॐ नमः शिवाय' का जाप किया जाता है। जब सभी पांच तत्वों में शांति, प्रेम और सद्भाव होता है, तो आनंद होता है और न केवल आपके भीतर, बल्कि आपके आसपास भी आनंद होता है।