Karwa Chauth 2025 Sargi Time, Chand Timing: सुहागिन महिलाओं के लिए करवा चौथ का दिन बेहद महत्व रखता है। इस दिन व्रत और पूजा करने से पति की लंबी आयु, तरक्की, प्रेम और सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद प्राप्त होता है। साथ ही, इस तिथि पर किए गए पुण्य कार्यों से भी जीवन में सुख-समृद्धि भी वास करती हैं।
हिंदू धर्म में करवा चौथ को प्रेम का प्रतीक माना गया है और यह सबसे कठिन व्रतों में से एक है। माना जाता है कि इस तिथि पर सुहागिनें निर्जला उपवास रखते हुए प्रेम जीवन सुखमय की कामना करती है। साथ ही करवा माता की पूजा करते हुए अन्न-वस्त्रों का दान करती हैं। इस दौरान व्रत का प्रारंभ ब्रह्म मुहूर्त में सरगी से लेकर चंद्रोदय तक मान्य होता है।
चूंकि व्रत निर्जला होता है, इसलिए खाने-पीने से लेकर सभी तरह की चीजों को ग्रहण करने की मनाही होती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि सरगी खाने के समय से लेकर करवा चौथ की पूजा विधि को भी जानते हैं।