शुक्रवार के दिन मां संतोषी की साधना-आराधना की जाती है। माता संतोषी का व्रत करने से साधक को चमत्कारिक लाभ होता है और उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। मां संतोषी के पिता भगवान गणेश और माता रिद्धि-सिद्धि हैं। धन-धान्य और रत्नों से भरा परिवार होने के कारण इन्हें देवी संतोषी कहा जाता है। मान्यता है कि सच्चे मन से माता का व्रत करने वाले व्यक्ति के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं, लेकिन व्रत करने के पहले कुछ महत्वपूर्ण विधान हैं, जिसका पालन किए बिना संतोषी माता का व्रत पूरा नहीं होता है। आइए जानते हैं इस व्रत के पूजा के विधान के बारे में..