रवि प्रदोष व्रत की पूजा विधि
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शिवलिंग का जल, गंगाजल, दूध, दही, शहद और पंचामृत से अभिषेक करें। भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, भांग, शमी के पत्ते, चंदन और अक्षत अर्पित करें। इसके बाद व्रत कथा का पाठ करें और भगवान को फल, मिठाई व अन्य नैवेद्य अर्पित करें। ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें और अंत में दीप जलाकर आरती करें। पूजा के समापन पर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करें।