पंचामृत और पंजीरी
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मालपुआ और रबड़ी
ब्रज की पारंपरिक मिठाइयों में मालपुआ और रबड़ी का विशेष स्थान है। राधा अष्टमी पर राधा रानी को मालपुआ और रबड़ी का भोग लगाने की परंपरा भी बताई जाती है। मान्यता है कि प्रेम और श्रद्धा से अर्पित किया गया यह भोग श्रीजी को प्रसन्न करने वाला होता है।
पंचामृत और पंजीरी
पूजा में पंचामृत का विशेष महत्व माना जाता है। राधा अष्टमी के दिन दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से पंचामृत तैयार करके राधा रानी को अर्पित कर सकते हैं। इसके साथ धनिया या आटे से बनी पंजीरी का भोग भी लगाया जाता है। पूजा के बाद इसे प्रसाद के रूप में बांटना शुभ माना जाता है।