Pradosh Vrat Upay: 17 नवंबर 2025 को सोम प्रदोष व्रत रखा जाएगा। यह मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। मान्यता है कि इस दिन महाकाल की उपासना करने से साधक के मन से सभी तरह के डर भय समाप्त होते हैं। हिंदू धर्म में प्रदोष को शिव परिवार की कृपा पाने का अवसर माना जाता है। इस दिन पूजा-पाठ व दान-उपाय के कार्यों से विवाह के योग व प्रेम जीवन मधुरमय बनता है। इस दौरान सभी व्रतों में सोमवार को अत्यंत शुभ माना गया है, क्योंकि, इस दिन सोमवार और त्रयोदशी तिथि का संयोग होता है। ऐसे में कुछ सरल उपाय करना आपके लिए लाभकारी हो सकता है। इसके प्रभाव से रोग-कर्ज से राहत व प्रेम जीवन सुखमय हो सकता है। आइए इनके बारे में जानते हैं।