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Pradosh Vrat 2025 : आज है मार्च का पहला प्रदोष व्रत, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, मंत्र और शुभ योग

Tue, 11 Mar 2025 06:22 AM IST
ज्योति मेहरा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत को अत्यंत शुभ माना गया है। यह व्रत प्रत्येक माह में कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विधिपूर्वक पूजा की जाती है।
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Pradosh Vrat 2025 - फोटो : Amar Ujala
Bhaum Pradosh Vrat 2025: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत को अत्यंत शुभ माना गया है। यह व्रत प्रत्येक माह में कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विधिपूर्वक पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस व्रत को श्रद्धा और विधि पूर्वक करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन की अनेक परेशानियों से मुक्ति मिलती है।

प्रदोष व्रत का नाम उस वार के आधार पर रखा जाता है जिस दिन यह पड़ता है। यदि यह मंगलवार को हो, तो इसे भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है। इसे मंगल ग्रह से जुड़े दोषों को दूर करने और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाने के लिए विशेष रूप से प्रभावी माना जाता है।
 

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भौम प्रदोष व्रत की तिथि और समय - फोटो : अमर उजाला
भौम प्रदोष व्रत की तिथि और समय
दृक पंचांग के अनुसार यह तिथि 11 मार्च की सुबह 08:13 बजे से शुरू होकर 12 मार्च की सुबह 09:11 बजे तक रहेगी। हालांकि प्रदोष व्रत 11 मार्च को ही रखा जाएगा, क्योंकि प्रदोष काल की पूजा का विशेष महत्व होता है।
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भौम प्रदोष व्रत मंत्र - फोटो : adobe stock
पूजा का शुभ मुहूर्त
शास्त्रों के अनुसार प्रदोष व्रत की पूजा संध्याकाल में करना सबसे उत्तम माना गया है। इस दिन पूजा का शुभ समय शाम 06:27 बजे से 08:53 बजे तक रहेगा। इस समय भगवान शिव की आराधना करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।

भौम प्रदोष व्रत मंत्र
भगवान शिव की कृपा पाने के लिए इन मंत्रों का जाप किया जा सकता है:
ॐ नमः शिवाय
ऊं आशुतोषाय नमः
ऊं नमो धनदाय स्वाहा
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्
ऊं हीं नमः शिवाय हीं ऊं

 

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दो शुभ योग का संयोग - फोटो : अमर उजाला
दो शुभ योग का संयोग
इस वर्ष भौम प्रदोष व्रत के दिन सुकर्मा योग और सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहे हैं। सुकर्मा योग शुभ कार्यों की सिद्धि में सहायक होता है। सर्वार्थ सिद्धि योग समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए उत्तम माना जाता है। इन शुभ योगों में की गई पूजा अधिक फलदायी मानी जाती है।
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भौम प्रदोष व्रत का महत्व - फोटो : अमर उजाला
भौम प्रदोष व्रत का महत्व
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार यह व्रत अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। इसे करने से आर्थिक समस्याओं का समाधान होता है, मंगल ग्रह से जुड़े दोष कम होते हैं और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। विशेष रूप से वे लोग जो कर्ज, धन संकट या किसी अन्य आर्थिक परेशानी से जूझ रहे हैं, उनके लिए यह व्रत अत्यंत लाभकारी होता है।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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