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Pitru Paksha 2024: पितृ पक्ष में कौए के अलावा इन जानवरों को भी खिला सकते हैं अन्न, मिलता है पितरों का आशीर्वाद

Sat, 31 Aug 2024 07:52 AM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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pitru paksha 2024 - फोटो : amar ujala
Pitru Paksha 2024: इस साल 17 सितंबर 2024 से पितृ पक्ष की शुरुआत हो रही है और 2 अक्तूबर 2024 को इसका समापन होगा। पितृ पक्ष में अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध किया जाता है। हिंदू धर्म में श्राद्ध का विशेष महत्व बताया गया है। ऐसी मान्यता है कि पितृ पक्ष के दौरान सभी पितर पृथ्वी लोक पर आकर अपने परिवार वालों को आर्शीवाद देते हैं। हमारे पितर पितृ पक्ष के दौरान यह उम्मीद करते हैं कि उनकी संतानें उनके लिए श्राद्ध, तर्पण या पिंडदान आदि करें, जिससे उन्हें संतुष्टि मिलती है। 

शास्त्रों में इस दौरान जानवरों को भोजन करवाने का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, पितृ पक्ष में कौए को भोजन कराने से पितरों की आत्मा को तृप्ति मिलती है। माना जाता है कि कौआ यमराज का दूत होता है, साथ ही इन्हें पितरों का प्रतिनिधि भी माना जाता है। लेकिन अगर आपको अपने आस पास कौए नहीं मिल रहें है, तो आप इन जानवरों को भी भोजन करवा सकते हैं।
 
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crow - फोटो : freepik
श्राद्ध में जानवरों को खाना खिलाने का महत्व
पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब पांडव अपने पूर्वजों के लिए श्राद्ध कर रहे थे, तब युधिष्ठिर ने पूछा कि वे अपने पितरों को भोजन किस प्रकार पहुंचा सकते हैं। इस पर उन्हें बताया गया कि यदि वह कौए को भोजन कराते हैं, तो वह पितरों को ही प्राप्त होगा। कौए को भोजन खिलाने के पीछे एक और कारण यह भी बताया गया है कि यह धरती और आकाश के बीच संदेशवाहक का काम करते हैं, जिससे पूर्वजों तक श्राद्ध का भोजन पहुंच जाता है।
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pitru paksha 2024 - फोटो : istock
अगर नहीं मिल रहा कौआ तो इन्हें खिलाएं भोजन
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ पक्ष के दौरान अगर आपको आपके घर के आस पास कौआ नहीं मिल रहा है, तो आप उनकी जगह गाय या कुत्ते को भी भोजन करा सकते हैं। पितृ पक्ष में गाय और कुत्ते को भोजन खिलाने को भी धार्मिक परंपराओं में विशेष महत्व दिया गया है। हिंदू धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया गया है और उसे पवित्रता और समृद्धि का प्रतीक भी माना गया है।


 

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
गाय को भोजन खिलाने का महत्व
पितृ पक्ष के दौरान गाय को भोजन कराने से हमारे पितरों की आत्मा को शांति प्राप्त होती है। साथ ही परिवार पर उनका आशीर्वाद भी बना रहता है।

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bhog prasad - फोटो : instagram
कुत्ते को यमराज और भगवान भैरव का वाहन माना गया है। ऐसे में कुत्ते को भोजन खिलाने से भी पितरों की आत्मा को संतुष्टि प्राप्त होती है।। साथ ही भैरव देवता का आशीर्वाद भी मिलता है। इन्हें भोजन कराना कर्म पितरों के प्रति श्रद्धा और सम्मान प्रकट करने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया गया है।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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